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देश में मौसमी इन्फ्लुएंजा और H1N1 को लेकर पैनिक की जरूरत नहीं: ICMR; सरकार रख रही है पैनी नजर
नई दिल्ली: देश में मौसमी इन्फ्लुएंजा (स्वाइन फ्लू/H1N1) के मामलों को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में फैल रहा वायरस पूरी तरह से मौसमी (Seasonal) है और इसमें कोई नया या खतरनाक आनुवंशिक बदलाव (Genetic Shift) नहीं देखा गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW), स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR), ICMR और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) मिलकर पूरे देश में श्वसन संबंधी मौसमी बीमारियों की सघन निगरानी कर रहे हैं। नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए DHR के सचिव और ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने बताया कि देश में फैल रहे इन्फ्लूएंजा वायरस हाल के वर्षों के सामान्य मौसमी पैटर्न के अनुसार ही हैं।
कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला, सामान्य बदलाव जारी
ICMR के 73 वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबोरेटरीज (VRDLs) के नेटवर्क द्वारा की जा रही जीनोमिक और महामारी निगरानी से पुष्टि हुई है कि देश में घूम रहा H1N1 वायरस 'A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09-लाइक' वायरस है। डॉ. बहल के अनुसार, यह स्ट्रेन 2025 से ही देश में मौजूद है और इसमें दिखने वाले बदलाव सामान्य 'एंटीजेनिक ड्रिफ्ट' (Antigenic Drift) का हिस्सा हैं। यह किसी नए खतरे या महामारी का संकेत नहीं है।
सामान्य लक्षण और प्रभाव
मौसमी इन्फ्लुएंजा एक हल्की और अपने आप ठीक होने वाली (Self-Limiting) बीमारी है। इसके प्रमुख लक्षण हैं:
* बुखार और खांसी
* गले में खराश और सिरदर्द
* बदन दर्द, थकान और कमजोरी
अधिकांश मरीजों में पर्याप्त आराम, पानी/तरल पदार्थ पीने और सामान्य देखभाल से स्थिति में सुधार हो जाता है। केवल H1N1 पॉजिटिव होने का मतलब यह नहीं है कि मरीज गंभीर रूप से बीमार होगा या उसे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ेगी।
इन लोगों को बरतनी होगी विशेष सावधानी
डॉ. बहल ने कहा कि सामान्य लोगों के लिए यह बीमारी हल्की है, लेकिन कुछ संवेदनशील वर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
* बुजुर्ग व्यक्ति
* छोटे बच्चे
* पहले से किसी गंभीर बीमारी (Co-morbidities) से पीड़ित लोग
* कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Low Immunity) वाले मरीज
सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस: क्या करें और क्या न करें
क्या करें (Dos):
* खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
* साबुन-पानी से नियमित हाथ धोएं या हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
* अस्वस्थ होने पर घर पर रहें और दूसरों के सीधे संपर्क से बचें।
* पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और भरपूर आराम करें।
* पौष्टिक व संतुलित आहार लें।
* लक्षण गंभीर होने या बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
क्या न करें (Don'ts):
* H1N1 की पुष्टि होने पर अनावश्यक भय या पैनिक न फैलाएं।
* बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक्स या एंटीवायरल दवाएं न लें।
* लक्षण दिखते समय भीड़-भाड़ या अन्य लोगों से न मिलें।
* गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल बुनियादी स्वच्छता नियमों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सीय सलाह लें।
