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उत्तराखंड में नकली मिठाई और मिलावटी मावे पर बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में सामग्री बरामद l

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में प्रशासन और खाद्य विभाग ने नकली मिठाई तथा मिलावटी मावे के खिलाफ छापेमारी की। सुल्तानपुर पट्टी में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 80 किलो मिलावटी खोया, 40 किलो बर्फी, लगभग डेढ़ क्विंटल केक और लौज बरामद किए गए। एक दुकान से करीब 50 किलो ऐसा खोया भी मिला, जिसमें कीड़े-मकोड़े पाए गए। अधिकारियों ने मिठाइयों और मावे के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं, जबकि बाकी सामग्री को मौके पर नष्ट करा दिया गया। नकली मावा बनाने वाले परिसर को सील कर दिया गया है और एक लाख रुपये तक जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।

Kashish Rai27 अग. 2026, 05:05 PM IST
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उत्तराखंड में नकली मिठाई और मिलावटी मावे पर बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में सामग्री बरामद l

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में नकली मिठाई और मिलावटी मावे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बाजपुर तहसील के सुल्तानपुर पट्टी इलाके में प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने कई दुकानों और परिसरों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में संदिग्ध मिलावटी खाद्य सामग्री बरामद की। यह कार्रवाई बाजपुर की एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि इलाके में नकली मावा और मिठाई तैयार कर बेची जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने कई स्थानों पर जांच की। कार्रवाई के दौरान एक घर में नकली मिठाई बनाने का काम चलता हुआ मिला।


एक दुकान से करीब 80 किलो मिलावटी खोया बरामद किया गया। इसके अलावा 40 किलो बर्फी और लगभग डेढ़ क्विंटल केक तथा लौज भी मौके पर मिली। प्रशासन की मौजूदगी में दुकान मालिक ने इन मिठाइयों और मावे को स्वयं नष्ट करने की सहमति दी। इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने जरूरी सैंपल लिए और शेष सामग्री को नष्ट करा दिया। छापेमारी के दौरान उत्तराखंड स्वीट्स से करीब 50 किलो ऐसा खोया बरामद हुआ, जिसमें कीड़े-मकोड़े पाए गए। दुकान से छेना से बनी मिठाइयां भी मिलीं। अधिकारियों ने इन खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करा दिया और खोये के नमूने जांच के लिए भेजे। दुकान में गंदगी मिलने पर चालानी कार्रवाई भी की गई।


प्रशासन ने कुलदीप गुप्ता स्वीट्स पर भी कार्रवाई की। यहां मिल्क पाउडर और रिफाइंड तेल की मदद से तैयार किया गया संदिग्ध नकली मावा बरामद हुआ। इसी मावे से मिठाइयां बनाए जाने की बात सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक, दुकान मालिक ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि मिल्क पाउडर और रिफाइंड की मदद से मावा तैयार किया जा रहा था। खाद्य विभाग ने यहां से भी मावे और तैयार मिठाइयों के सैंपल लिए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि खाद्य सामग्री में किस प्रकार की मिलावट की गई थी और वह स्वास्थ्य के लिए कितनी नुकसानदायक थी।


एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में मिलावटी खाद्य सामग्री मिली है। उन्होंने कहा कि तैयार मिठाइयों और मावे को नष्ट करा दिया गया है तथा सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। नकली मिठाई बनाने वाले परिसर को सील कर दिया गया है और खाद्य विभाग की ओर से अलग से कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बरामद सामग्री को नष्ट कराने के लिए प्रशासन ने ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया। बड़ी मात्रा में मिली मिठाई और मावे को मौके से हटाकर नष्ट कराया गया, ताकि इसे दोबारा बाजार में न भेजा जा सके।


प्रशासन ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। त्योहारों के दौरान मिठाई और मावे की दुकानों पर निगरानी और जांच अभियान को और तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, सामग्री की गुणवत्ता और पैकिंग पर ध्यान दें। किसी दुकान पर संदिग्ध मिठाई या खराब मावा मिलने पर इसकी सूचना खाद्य विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें। लैब जांच की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दुकानदारों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।