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गोरखपुर में सरकारी रिकॉर्ड बदलने का दबाव? पंचायत अधिकारी को मिली धमकी
गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र में ग्राम पंचायत अधिकारी को परिवार रजिस्टर में कथित तौर पर छेड़छाड़ करने का दबाव बनाने और इनकार करने पर धमकी देने का मामला सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, मौलाखोर निवासी गंगा सागर सिंह ने ग्राम पंचायत अधिकारी अब्दुस सलाम को फोन कर परिवार रजिस्टर से अपनी भतीजी का नाम हटाने का दबाव बनाया। अधिकारी ने नियमों का हवाला देते हुए ऐसा करने से इनकार किया, जिसके बाद उन्हें धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ने अपनी सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को भी पत्र दिया है।

परिवार रजिस्टर में नाम हटाने को लेकर विवाद
मामला गोरखपुर के भटहट विकासखंड से जुड़ा है। यहां न्याय पंचायत पतरा की ग्राम पंचायत मौलाखोर में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी अब्दुस सलाम ने पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार, मौलाखोर निवासी गंगा सागर सिंह परिवार रजिस्टर में अपनी भतीजी का नाम हटवाना चाहते थे। बताया गया है कि परिवार का पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा है। इसी विवाद के बीच परिवार रजिस्टर में दर्ज नाम को लेकर अधिकारी पर दबाव बनाए जाने का आरोप है।
नियमों का हवाला देकर अधिकारी ने किया इनकार
रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम पंचायत अधिकारी ने सरकारी रिकॉर्ड में नियमों के विरुद्ध बदलाव करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इससे नाराज होकर गंगा सागर सिंह ने अधिकारी को फोन किया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी दी। बताया गया है कि 19 अगस्त की रात करीब 9:35 बजे फोन पर धमकी दी गई। इसके बाद 20 अगस्त की सुबह करीब 8:45 बजे भी दोबारा फोन आने का आरोप है। अधिकारी के मुताबिक, दोनों कॉल की रिकॉर्डिंग उनके मोबाइल में सुरक्षित है।
सुरक्षा को लेकर अधिकारियों से लगाई गुहार
लगातार धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी ने पिपराइच थाने में शिकायत की। इसके अलावा उन्होंने अपनी सुरक्षा और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को भी लिखित रूप से जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक सुनील कुमार यादव द्वारा किए जाने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है।
कॉल रिकॉर्डिंग भी जांच का हिस्सा
शिकायतकर्ता के मुताबिक, कथित धमकी वाले दोनों फोन कॉल की रिकॉर्डिंग मौजूद है। पुलिस इस रिकॉर्डिंग समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जमीन विवाद, नाम हटाने के दबाव और धमकी से जुड़े आरोप अभी शिकायत और पुलिस जांच का हिस्सा हैं। इन्हें अदालत से साबित तथ्य के रूप में नहीं बल्कि शिकायत के मुताबिक या पुलिस के अनुसार ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
जमीन विवाद से जुड़ा है मामला
रिपोर्टों के अनुसार, परिवार रजिस्टर में नाम को लेकर विवाद के पीछे पुश्तैनी जमीन का मामला बताया जा रहा है। आरोप है कि परिवार रजिस्टर में बदलाव से जमीन से जुड़े विवाद पर असर पड़ सकता था। हालांकि इस विवाद में वास्तविक कानूनी अधिकार और रिकॉर्ड की स्थिति क्या है, यह संबंधित दस्तावेजों और आगे की जांच से स्पष्ट होगी।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कथित फोन कॉल की रिकॉर्डिंग, परिवार रजिस्टर से जुड़े दस्तावेज और जमीन विवाद से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। ग्राम पंचायत अधिकारी ने सुरक्षा की मांग की है। अब पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर इस मामले की अगली दिशा निर्भर करेगी।
