health
जनता की जान से खिलवाड़: ठाणे के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए नासूर बने फर्जी डॉक्टर, प्रशासन सख्त
ठाणे जिले में बिना वैध डिग्री के मरीजों का इलाज करने वाले फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाळ और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजित यादव की अगुवाई में हुई बैठक में शहापूर और मुरबाड जैसे ग्रामीण इलाकों से मिल रही शिकायतों पर विशेष चिंता जताई गई। प्रशासन ने पुलिस विभाग के सहयोग से ऐसे अवैध चिकित्सकों के खिलाफ ताबड़तोड़ कानूनी कार्रवाई करने और तालुका स्तर पर सभी निजी डॉक्टरों की शैक्षणिक योग्यताओं का नियमित सत्यापन करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

यह पूरा मामला तब खुलकर सामने आया जब जिलास्तरीय बोगस डॉक्टर शोध व पुनर्विलोकन समिति की उच्चस्तरीय बैठक जिला कलेक्टर डॉ.
तो विशेष रूप से शहापूर और मुरबाड क्षेत्र हॉटस्पॉट के रूप में उभरे।
इसके तहत अब हर तालुका स्वास्थ्य अधिकारी और नगरपरिषद अधिकारियों की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के हर निजी क्लिनिक और डॉक्टर की शैक्षणिक योग्यताओं का नियमित सत्यापन करें। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है या कोई फर्जी डॉक्टर अपनी दुकान चलाता पाया जाता है, तो संबंधित स्थानीय अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की इस संयुक्त घेराबंदी से ठाणे जिले के मेडिकल माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
