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प्रशांत किशोर देंगे 10 हजार प्राइवेट नौकरियां!

जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ा रोजगार लक्ष्य रखा है। उन्होंने अगले एक से दो वर्षों में 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की बात कही है। इसके लिए युवाओं से अपना CV और बायोडाटा जमा करने की अपील की गई है।

Neha Sharma12 अग. 2026, 07:33 PM IST
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प्रशांत किशोर देंगे 10 हजार प्राइवेट नौकरियां!

पटना: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के युवाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अगले एक से दो वर्षों में बांकीपुर के कम से कम 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने में मदद करने का लक्ष्य रखा है। किशोर ने इसके लिए शिक्षित बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों से बायोडाटा तथा सीवी अपने कार्यालय तक पहुंचाने की अपील की है।

प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य सरकारी नौकरी देना नहीं, बल्कि निजी कंपनियों में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह अपने राष्ट्रीय स्तर के संपर्कों और नेटवर्क का इस्तेमाल करेंगे, ताकि बांकीपुर के युवाओं को निजी क्षेत्र में अच्छे रोजगार से जोड़ा जा सके।


किशोर के मुताबिक, रोजगार के लिए इच्छुक युवाओं का सीवी और बायोडाटा उनके कार्यालय में भेजा जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध योग्यता और अवसरों के आधार पर युवाओं को कंपनियों में नौकरी दिलाने की कोशिश की जाएगी। यह पहल मुख्य रूप से उन शिक्षित युवाओं को ध्यान में रखकर बताई गई है जो नौकरी की तलाश में हैं लेकिन उन्हें उपयुक्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है। प्रशांत किशोर का यह ऐलान ऐसे समय आया है जब उन्होंने हाल ही में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल की है और अब विधायक के रूप में अपने क्षेत्र में काम शुरू किया है। पहली बार क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्होंने रोजगार के साथ-साथ सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और उसकी गुणवत्ता सुधारने की बात भी कही।


रोजगार के साथ शिक्षा पर भी जोर

बांकीपुर के युवाओं के लिए रोजगार की घोषणा के साथ प्रशांत किशोर ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने को भी प्राथमिकता बताई है। उनका कहना है कि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलना जरूरी है। इस तरह उनकी शुरुआती प्राथमिकताओं में शिक्षा और रोजगार दोनों मुद्दे शामिल दिखाई दे रहे हैं।


10 हजार नौकरियों का लक्ष्य कितना बड़ा है?

यदि अगले दो वर्षों में 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने का लक्ष्य हासिल होता है तो इसका सीधा असर बड़ी संख्या में परिवारों की आय पर पड़ सकता है। निजी क्षेत्र में नौकरी मिलने से युवाओं को अपने क्षेत्र में या देश के अन्य हिस्सों में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि 10 हजार नौकरियों का आंकड़ा फिलहाल प्रशांत किशोर द्वारा घोषित लक्ष्य है। उपलब्ध रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी कंपनियों के साथ औपचारिक समझौते हुए हैं, किन क्षेत्रों में नौकरियां उपलब्ध होंगी या चयन प्रक्रिया किस तरीके से संचालित की जाएगी। इसलिए इसे फिलहाल रोजगार उपलब्ध कराने की राजनीतिक और सामाजिक पहल के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि 10 हजार नौकरियों की तत्काल गारंटी के रूप में।


युवाओं से सीवी भेजने की अपील

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के परिवारों से उनके बच्चों का बायोडाटा और सीवी भेजने को कहा है। उनका कहना है कि इस जानकारी के आधार पर निजी क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।


अब नजर अमल पर

प्रशांत किशोर की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल इसके क्रियान्वयन को लेकर है। निजी कंपनियों से रोजगार के अवसर जुटाना, उम्मीदवारों की योग्यता के मुताबिक उनका चयन कराना और अगले एक-दो वर्षों में 10 हजार युवाओं को नौकरी तक पहुंचाना इस पहल की सबसे बड़ी चुनौती होगी। अब बांकीपुर के युवाओं और स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि यह घोषणा किस तरह जमीन पर लागू होती है। अगर यह पहल निर्धारित लक्ष्य के करीब पहुंचती है तो बांकीपुर में रोजगार के मुद्दे पर एक अलग मॉडल के रूप में इसे देखा जा सकता है। वहीं, इसकी सफलता का वास्तविक आकलन नौकरियों की संख्या, चयनित युवाओं, कंपनियों और रोजगार की गुणवत्ता के आधार पर ही किया जा सकेगा।