general
मराठी टेस्ट में फेल ड्राइवरों को एक महीने की मोहलत, ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं बढ़ेगा
महाराष्ट्र में ऑटो, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब चालकों के लिए मराठी का कामकाजी ज्ञान अनिवार्य किए जाने के बाद अब नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी है। हालांकि, मराठी टेस्ट में असफल पाए जाने वाले ड्राइवरों को तत्काल लाइसेंस रद्द होने का सामना नहीं करना पड़ेगा। RTO की जांच में कमजोर पाए जाने पर उन्हें शो-कॉज नोटिस देकर एक महीने का समय दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें मराठी सीखकर दोबारा अनुपालन करना होगा। खास बात यह है कि सरकार का मौजूदा मुफ्त प्रशिक्षण कार्यक्रम फिलहाल आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।
Samant Dubey16 अग. 2026, 06:17 PM IST

मुंबई में मराठी टेस्ट को लेकर नया अपडेट
मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का मुद्दा अब अगले चरण में पहुंच गया है। परिवहन विभाग द्वारा चलाया गया बुनियादी मराठी प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 अगस्त को समाप्त हो गया। इसके बाद RTO की फ्लाइंग स्क्वॉड सार्वजनिक परिवहन वाहनों की जांच कर चालकों की मराठी बोलने और समझने की क्षमता परखेंगी। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में यदि किसी ड्राइवर को निर्धारित स्तर की 'फंक्शनल मराठी' नहीं आती मिली तो उसे सीधे लाइसेंस रद्द करने के बजाय पहले शो-कॉज नोटिस दिया जाएगा। नोटिस के बाद ड्राइवर को करीब एक महीने में मराठी सीखने और आवश्यक भाषा दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
सरकार की मुफ्त ट्रेनिंग फिलहाल खत्म
परिवहन विभाग ने पिछले तीन महीनों में गैर-मराठी भाषी ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बेसिक मराठी प्रशिक्षण अभियान चलाया था। महाराष्ट्र के 58 RTO कार्यालयों के माध्यम से यह प्रशिक्षण दिया गया। ताजा जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम को फिलहाल आगे बढ़ाने की योजना नहीं है। ऐसे में टेस्ट में असफल रहने वाले चालकों को निजी माध्यमों से मराठी सीखनी पड़ सकती है। इससे पहले विभाग ने मुंबई महानगर क्षेत्र में 71 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए चार घंटे का मुफ्त 'मराठी भाषा संवाद पाठ्यक्रम' भी संचालित किया था। इसके लिए अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई थी।
1.1 लाख से ज्यादा ड्राइवरों ने पूरी की ट्रेनिंग
परिवहन विभाग के अनुसार महाराष्ट्र में 1.1 लाख से अधिक गैर-मराठी भाषी ऑटो और टैक्सी चालक अब तक कार्यात्मक मराठी का प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। विभाग ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले चालकों के प्रमाणपत्र तैयार किए हैं, जिन्हें RTO स्तर पर वितरित किया जाएगा। ताजा रिपोर्ट के अनुसार एक लाख से अधिक प्रमाणपत्र तैयार किए जा चुके हैं। इन्हें विशेष कार्यक्रमों के जरिए चालकों को सौंपे जाने की तैयारी है। प्रमाणपत्र जांच के दौरान यह दिखाने में मदद करेगा कि संबंधित ड्राइवर ने निर्धारित प्रशिक्षण पूरा किया है।
नियमों में क्या बदला?
महाराष्ट्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों में संशोधन कर व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों के लिए मराठी के कामकाजी ज्ञान को अनिवार्य किया है। इसका दायरा ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले ऐप-बेस्ड मोटर कैब तक है। नियमों का असर संबंधित परमिट धारकों पर भी पड़ता है।
नियमों में केवल भाषा सीखने की अपील नहीं है, बल्कि अनुपालन नहीं करने पर कार्रवाई का प्रावधान भी जोड़ा गया है। संशोधित व्यवस्था के तहत भाषा दक्षता न होने पर ड्राइविंग अथॉराइजेशन को तीन महीने तक निलंबित किया जा सकता है। लगातार या दोबारा उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस/अथॉराइजेशन रद्द होने का जोखिम है।
कार्रवाई की तीन-स्तरीय प्रक्रिया
पहला चरण: RTO फ्लाइंग स्क्वॉड सड़क पर जांच कर चालक की बेसिक/फंक्शनल मराठी की क्षमता देखेगी।
दूसरा चरण: भाषा ज्ञान अपर्याप्त मिलने पर चालक को शो-कॉज नोटिस दिया जाएगा और करीब एक महीने में आवश्यक भाषा कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।
तीसरा चरण: निर्धारित समय के बाद भी अनुपालन नहीं करने पर ड्राइविंग अथॉराइजेशन को तीन महीने तक निलंबित किया जा सकता है। दोबारा उल्लंघन होने पर लाइसेंस या संबंधित अथॉराइजेशन रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है।
16 अगस्त नहीं, अब 18 अगस्त से कड़ी कार्रवाई पर फोकस
इस पूरे मामले में तारीख को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जुलाई में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की थी कि मराठी की अनिवार्यता 16 अगस्त 2026 से लागू होगी और इसके लिए महाराष्ट्र मोटर वाहन नियमों के नियम 4, 22, 78 और 85 में बदलाव किए गए थे। लेकिन 13 अगस्त को सामने आए संशोधित प्रावधानों के बाद कई ताजा रिपोर्टों में 18 अगस्त 2026 से प्रवर्तन और दंडात्मक कार्रवाई की बात कही गई है। Business Standard और Outlook ने भी 18 अगस्त से ऑटो, टैक्सी और ऐप-कैब चालकों पर इस नियम के लागू होने की जानकारी दी है। इसलिए वर्तमान स्थिति में 15 अगस्त प्रशिक्षण की अंतिम तारीख, उसके बाद RTO जांच और 18 अगस्त से सख्त प्रवर्तन को आधार बनाना अधिक अद्यतन जानकारी है।
सरकार का तर्क और ड्राइवरों की चिंता
सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों और चालकों के बीच स्पष्ट संवाद जरूरी है। खासकर किराया, रास्ता, गंतव्य और आपात स्थिति जैसी परिस्थितियों में स्थानीय भाषा का बुनियादी ज्ञान उपयोगी हो सकता है। दूसरी ओर, ऑटो-टैक्सी यूनियनों और कुछ ड्राइवर समूहों ने प्रशिक्षण और अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है। मुंबई ऑटोरिक्शा-टैक्सीमेन्स यूनियन ने तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत और अधिक प्रशिक्षण केंद्र उपलब्ध कराने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र सरकार ने अप्रैल से इस दिशा में 100-दिन का सत्यापन अभियान शुरू किया था। इसमें परमिट, लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की जांच के साथ ड्राइवरों की कामकाजी मराठी भी परखी गई। बाद में सरकार ने प्रशिक्षण का अवसर दिया और 15 अगस्त तक प्रमाणपत्र लेने की समयसीमा रखी।
अब प्रशिक्षण की समयसीमा खत्म हो चुकी है और अगला चरण RTO जांच तथा अनुपालन सुनिश्चित करने का है। हालांकि, टेस्ट में असफल होने वाले ड्राइवरों को एक महीने की सुधारात्मक मोहलत मिलना महत्वपूर्ण राहत है। इसके बाद भी भाषा दक्षता हासिल नहीं करने वालों पर लाइसेंस निलंबन और दोहराए गए उल्लंघन पर रद्दीकरण जैसी कार्रवाई हो सकती है।
