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महाराष्ट्र में उत्कृष्ट ग्राम प्रशासन को सम्मान: राज्य सरकार ने घोषित किए 2024-25 के आदर्श ग्राम पंचायत अधिकारी

गांवों के विकास की असली तस्वीर बदलने वाले अधिकारियों को अब राज्य स्तर पर सम्मान मिलेगा। महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2024-25 के लिए "आदर्श ग्राम पंचायत अधिकारी पुरस्कार" की घोषणा करते हुए राज्य के 36 जिलों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारियों का चयन किया है। ग्राम विकास विभाग द्वारा जारी शासन निर्णय के अनुसार इन अधिकारियों को यशवंत पंचायत राज अभियान पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह पहल ग्रामीण प्रशासन में पारदर्शिता, नवाचार और जनसेवा की संस्कृति को नई मजबूती देगी।

Sonali07 अग. 2026, 05:21 PM IST
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महाराष्ट्र में उत्कृष्ट ग्राम प्रशासन को सम्मान: राज्य सरकार ने घोषित किए 2024-25 के आदर्श ग्राम पंचायत अधिकारी

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने और पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ग्राम विकास विभाग ने 5 अगस्त 2026 को वर्ष 2024-25 के लिए "आदर्श ग्राम पंचायत अधिकारी पुरस्कार" की घोषणा करते हुए राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित अधिकारियों की सूची जारी कर दी है। चयनित अधिकारियों को यशवंत पंचायत राज अभियान पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शी प्रशासन, प्रभावी विकास कार्यों और जनसेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों को दिया जाता है।

शासन निर्णय के अनुसार राज्य के प्रत्येक जिले से एक उत्कृष्ट ग्राम पंचायत अधिकारी का चयन किया गया है। इन अधिकारियों को ग्राम विकास एवं पंचायत राज मंत्री के हाथों सम्मानित किया जाएगा तथा मंत्री के हस्ताक्षरयुक्त प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस सम्मान का उद्देश्य ग्राम पंचायत अधिकारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करना और ग्रामीण विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को बढ़ावा देना है।

जारी सूची में कोकण, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और अमरावती संभाग के कुल 36 जिलों के अधिकारी शामिल हैं। इनमें ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, नंदुरबार, धुले, अहिल्यानगर, नासिक, जळगांव, जालना, परभणी, हिंगोली, नांदेड़, बीड, लातूर, धाराशिव, नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर, गढ़चिरोली, अमरावती, अकोला, यवतमाल, बुलढाणा और वाशिम सहित सभी जिलों के चयनित अधिकारी शामिल हैं।

क्या है आदर्श ग्राम पंचायत अधिकारी पुरस्कार?

आदर्श ग्राम पंचायत अधिकारी पुरस्कार महाराष्ट्र सरकार की एक प्रतिष्ठित पहल है, जिसके माध्यम से पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्य करने वाले अधिकारियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का सम्मान नहीं है, बल्कि ग्रामीण प्रशासन में नवाचार, जवाबदेही, पारदर्शिता और बेहतर सेवा वितरण को बढ़ावा देने का माध्यम भी माना जाता है। सरकार का मानना है कि ऐसे सम्मान अन्य पंचायत अधिकारियों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।

इन मानकों पर होता है चयन

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार पुरस्कार चयन के दौरान ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वच्छता अभियान, पेयजल व्यवस्था, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, पंचायत की वित्तीय पारदर्शिता, ग्रामीण अधोसंरचना, जनभागीदारी तथा प्रशासनिक नवाचार जैसे विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है। यही कारण है कि यह सम्मान पंचायत प्रशासन में उत्कृष्ट प्रदर्शन का महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है। 

राष्ट्रीय स्तर पर भी मिलती है ऐसी पहचान

विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार की यह पहल केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों (National Panchayat Awards) की भावना के अनुरूप है। केंद्र सरकार भी पंचायतों का मूल्यांकन सुशासन, सतत विकास लक्ष्य (SDGs), डिजिटल गवर्नेंस, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, जल संरक्षण और जनभागीदारी जैसे मानकों पर करती है। राज्य स्तर पर दिए जाने वाले ऐसे पुरस्कार स्थानीय प्रशासन को अधिक जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पुरस्कार वितरण की जिम्मेदारी विभागीय आयुक्तों को

शासन निर्णय में सभी विभागीय आयुक्तों को निर्देश दिया गया है कि पुरस्कार वितरण समारोह के लिए प्रमाणपत्रों सहित आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। यह शासन निर्णय महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है तथा इसे डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी किया गया है।

ग्रामीण विकास को मिलेगा नया प्रोत्साहन

ग्रामीण विकास विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट अधिकारियों को सम्मानित करने से गांवों में विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, डिजिटल प्रशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की गुणवत्ता में सुधार होता है। इससे पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी बढ़ती है और ग्रामीण क्षेत्रों में शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है।