crime

मेरठ जोन में साइबर अपराधियों पर पुलिस का बड़ा प्रहार l

मेरठ जोन पुलिस ने वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 486 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 25,220 शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए साइबर ठगों के खातों में पहुंचने से पहले 37.28 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए। वहीं, पीड़ितों को 1.41 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस दिलाई गई। इसके अलावा, ऑपरेशन साइवज्र के तहत भी 185 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

Kashish Rai05 अग. 2026, 06:39 PM IST
खबर शेयर करें:
मेरठ जोन में साइबर अपराधियों पर पुलिस का बड़ा प्रहार l

साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मेरठ जोन पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में मेरठ जोन पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए 486 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। साथ ही ठगी की बड़ी रकम को समय रहते फ्रीज कराकर हजारों लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाया गया है। एडीजी मेरठ जोन ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से 31 जुलाई 2026 के बीच राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर मेरठ जोन के सभी जिलों से कुल 25,220 शिकायतें दर्ज हुईं। इन शिकायतों के निस्तारण के लिए साइबर क्राइम सेल, स्थानीय पुलिस, बैंकों और अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। त्वरित कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में मामलों में साइबर ठगों तक रकम पहुंचने से पहले ही बैंक खातों को फ्रीज कराया गया।


इन शिकायतों में साइबर ठगों द्वारा लोगों से करीब 84.14 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस और बैंकों के समन्वय से कार्रवाई करते हुए 37.28 करोड़ रुपये की राशि साइबर अपराधियों के खातों में पहुंचने से पहले ही फ्रीज करा दी गई। अधिकारियों के अनुसार, समय पर कार्रवाई होने से हजारों पीड़ितों को राहत मिली और बड़ी आर्थिक क्षति होने से बच गई। पुलिस ने बताया कि सात महीनों के दौरान 486 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के माध्यम से जेल भेजा गया। इसके अलावा अब तक 1 करोड़ 41 लाख 28 हजार 946 रुपये की धनराशि विभिन्न पीड़ितों को वापस कराई जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद कार्रवाई करने और बैंकों के साथ बेहतर समन्वय के कारण रिकवरी और फ्रीजिंग की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हुई है।


साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन साइवज्र' के तहत भी मेरठ जोन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 7 जुलाई 2026 से शुरू हुए इस अभियान के दौरान पूरे जोन के विभिन्न थानों में 170 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें कार्रवाई करते हुए 185 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अभियान के तहत ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी और बैंकिंग फ्रॉड जैसे मामलों पर विशेष फोकस रखा गया।


एडीजी ने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, निवेश योजना या ऑनलाइन लेनदेन के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को फ्रीज कराया जा सके। उन्होंने कहा कि मेरठ जोन पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान चलाती रहेगी।