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समझौते के बहाने बुलाकर युवक की बेरहमी से पिटाई l
मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में छेड़छाड़ के मुकदमे में समझौते के नाम पर एक युवक और उसके परिजनों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि समझौते की बातचीत के लिए बुलाने के बाद दूसरे पक्ष ने अपने साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया, जिसमें युवक का हाथ टूट गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार एसएसपी कार्यालय पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के जानी थाना क्षेत्र में छेड़छाड़ के मुकदमे में समझौते के नाम पर बुलाकर एक युवक और उसके परिजनों के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पहले समझौते की बात कहकर उन्हें बुलाया गया और फिर कई लोगों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका हाथ भी टूट गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
बुधवार को जानी गांव निवासी मोमीन अपने परिवार के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। मोमीन ने बताया कि उसका बड़ा भाई गांव के ही एक व्यक्ति के यहां मजदूरी करता था। कुछ दिन पहले उसी व्यक्ति ने अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए उसके भाई के खिलाफ जानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद दूसरे पक्ष की ओर से समझौते की बातचीत के लिए उन्हें शहजाद के घर बुलाया गया। परिवार को उम्मीद थी कि दोनों पक्ष आपसी बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालेंगे, लेकिन वहां पहुंचते ही माहौल बदल गया।
मोमीन के अनुसार, लड़की पक्ष के लोगों ने पहले बहस शुरू की और फिर अपने कई साथियों के साथ मिलकर उस पर और उसके परिजनों पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों और मारपीट के दौरान मोमीन गंभीर रूप से घायल हो गया तथा उसका हाथ टूट गया। घटना के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने पूरी मारपीट का वीडियो भी बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना का वीडियो सामने आने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज होकर पीड़ित पक्ष मारपीट का वीडियो लेकर सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसएसपी कार्यालय में शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, पीड़ित के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि समझौते के नाम पर बुलाकर हिंसा की घटनाओं को कैसे रोका जाए और पीड़ितों को समय पर न्याय कैसे मिले।
