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यूपी में आउटसोर्स कर्मचारियों को नई सौगात

उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सर्विस कॉरपोरेशन (UPCOS) की शुरुआत की है। नई व्यवस्था के तहत 3 लाख से ज्यादा आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती, उपस्थिति, वेतन भुगतान और शिकायतों का निपटारा डिजिटल और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। कर्मचारियों को EPF, ESI, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ देने पर भी जोर दिया गया है। कुछ श्रेणियों में वेतन को बढ़ाकर ₹40,000 तक करने की बात भी कही गई है।

Neha Sharma02 सित. 2026, 07:21 PM IST
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यूपी में आउटसोर्स कर्मचारियों को नई सौगात

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, वेतन, उपस्थिति, भुगतान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ किया। इस दौरान निगम की वेबसाइट और डिजिटल पोर्टल लॉन्च करने के साथ उसके लोगो का भी अनावरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और कर्मचारियों का संबंध सिर्फ वेतन और काम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी भी शामिल होनी चाहिए। नए निगम के माध्यम से प्रदेश के 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़े करीब 17 से 20 लाख लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था विकसित की जाएगी।


आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बदलेगी पूरी व्यवस्था

अब तक आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था में कर्मचारी, एजेंसी और संबंधित सरकारी विभाग के बीच कई स्तर शामिल थे। इसके कारण भर्ती, वेतन, उपस्थिति और शिकायतों से जुड़े मामलों में कर्मचारियों को अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता था। सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम इस पूरी व्यवस्था को एक डिजिटल मंच पर लाने का काम करेगा। कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, उपस्थिति, वेतन और कटौती जैसी जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। इसके अलावा कर्मचारी पोर्टल के माध्यम से शिकायत भी दर्ज कर सकेंगे और अपनी शिकायत की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध निपटारे के लिए नोडल अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और निगरानी की व्यवस्था भी की जाएगी।


भर्ती प्रक्रिया होगी ऑनलाइन और पारदर्शी

नए निगम का एक प्रमुख उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। सरकार के अनुसार, भर्ती में योग्यता और मेरिट को प्राथमिकता दी जाएगी और राज्य की आरक्षण नीति का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। मानव संसाधन की जरूरत का आकलन, रिक्तियों का अनुमान और उसके आधार पर कर्मचारियों की योजना बनाने की प्रक्रिया भी विकसित की जाएगी। इसके साथ भर्ती, तैनाती और उपस्थिति से लेकर वेतन और अन्य सेवा लाभों का डिजिटल प्रबंधन किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को संगठित, कुशल, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यबल के रूप में विकसित करना है।


मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई आउटसोर्स कर्मचारियों को पहले निर्धारित मानदेय से कम भुगतान मिलने की शिकायतें सामने आती थीं। नई व्यवस्था में कर्मचारियों के पद, श्रेणी और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सम्मानजनक पारिश्रमिक तय किया गया है। विभिन्न श्रेणियों के लिए ₹20 हजार से अधिक तक का मानदेय निर्धारित किया गया है, जबकि अधिक जिम्मेदारी वाले कुछ पदों पर ₹40 हजार तक के पारिश्रमिक की व्यवस्था बताई गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आउटसोर्स एजेंसी कर्मचारी के मानदेय से मनमाने तरीके से कटौती नहीं कर सकेगी।


हर महीने 5 तारीख तक खाते में भेजने का लक्ष्य

नई व्यवस्था में कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाने पर भी जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, हर महीने का पारिश्रमिक अधिकतम 5 तारीख तक सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में भेजे जाने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही EPF और ESI का निर्धारित अंशदान नियमित रूप से जमा किया जाएगा। कर्मचारी डिजिटल पोर्टल पर अपने वेतन, कटौती और अन्य सेवा संबंधी जानकारी देख सकेंगे। इससे कर्मचारियों को यह पता लगाने में आसानी होगी कि उन्हें कितना वेतन मिला और उनके खाते से कितनी कटौती हुई।


मनमानी तरीके से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी एजेंसी

आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा को लेकर भी नई व्यवस्था में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकार के अनुसार, कोई आउटसोर्स कंपनी किसी कर्मचारी को मनमाने तरीके से सेवा से बाहर नहीं कर सकेगी। किसी कर्मचारी की सेवा समाप्त करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा और सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत है तो पहले उसकी जांच की जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर ही नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को अनावश्यक उत्पीड़न और शोषण से बचाना है।


बैंक ऑफर के जरिए सामाजिक सुरक्षा का विस्तार

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी किया गया। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना है। सरकार के अनुसार, कर्मचारियों को बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जोड़ने की योजना है।


दुर्घटना और आकस्मिक स्थिति में आर्थिक सहायता

नई व्यवस्था में कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा का प्रावधान भी बताया गया है। वेतन और निर्धारित श्रेणी के आधार पर दुर्घटना की स्थिति में परिवार को ₹20 लाख से ₹50 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

  • आग की घटना में ₹10 लाख तक सहायता
  • आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में ₹5 लाख तक सहायता
  • आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की जरूरत होने पर ₹10 लाख तक सहायता

जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया गया है।


परिवारों के लिए भी सहायता की योजना

सरकार ने गंभीर पारिवारिक परिस्थितियों में कर्मचारियों के परिवारों को सहायता देने की बात भी कही है। विशेष परिस्थितियों में बच्चों की शिक्षा और बेटियों के विवाह जैसी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए जीरो बैलेंस खाता और बैंकिंग माध्यम से परिवार के अधिकतम चार सदस्यों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई है।


स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी जोर

आउटसोर्स कर्मचारियों को ESI के माध्यम से इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। जहां ESI अस्पताल में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी, वहां कर्मचारियों को आयुष्मान भारत जैसी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने की व्यवस्था करने की बात कही गई है। सरकार का उद्देश्य कर्मचारी के साथ उसके परिवार को भी स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इसके अलावा मातृत्व अवकाश समेत वैधानिक सेवा लाभ सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।


सरकार और कर्मचारियों के बीच सीधा डिजिटल संपर्क

नए पोर्टल को केवल भर्ती या वेतन व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके जरिए कर्मचारी अपनी सेवा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही जगह देख सकेंगे। इसमें उपस्थिति, भुगतान, कटौती, बैंक खाते, सेवा विवरण और शिकायतों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है। शिकायत दर्ज करने के बाद कर्मचारी उसकी स्थिति भी ऑनलाइन देख सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों को अपनी समस्याओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।


आउटसोर्स कर्मचारियों को 'बोझ' नहीं, मानव संसाधन मानने पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को लंबे समय तक केवल जरूरत के समय इस्तेमाल किए जाने वाले कर्मचारियों के तौर पर देखा जाता रहा है। सरकार अब इस सोच में बदलाव लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी प्रदेश के सरकारी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सफाई कर्मचारी, पंप ऑपरेटर, सचिवालय, अस्पताल और विभिन्न सरकारी व्यवस्थाओं में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मियों का योगदान महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य उनके काम को सम्मान देना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।


AI और Automation के दौर में भी श्रम का सम्मान जरूरी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में Artificial Intelligence, Automation और नई अर्थव्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के कारण काम करने के तरीके बदल सकते हैं, लेकिन मानव श्रम की गरिमा नहीं बदलनी चाहिए। सरकार की डिजिटल व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा, लेकिन इसके साथ कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण भी जरूरी रहेगा।


कार्यक्रम में डेमो चेक भी दिए गए

निगम के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों को डेमो चेक भी प्रदान किए। इसके अलावा निगम की वेबसाइट और डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ किया गया तथा लोगो का अनावरण हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।


सरकार का दावा—भर्ती से भुगतान तक पूरी व्यवस्था होगी डिजिटल

उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से भर्ती से लेकर पोस्टिंग, उपस्थिति, वेतन, ग्रेच्युटी, बीमा और अन्य सेवा लाभ तक की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से प्रबंधित और मॉनिटर किया जाएगा। इससे सरकार, विभाग, आउटसोर्स एजेंसी और कर्मचारी के बीच एक तकनीक आधारित और पारदर्शी व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।


क्या बदलेगा?

व्यवस्थानई व्यवस्था
भर्तीऑनलाइन और मेरिट आधारित
वेतनसीधे बैंक खाते में
वेतन कटौतीमनमानी कटौती पर रोक
भुगतान की समयसीमाअधिकतम 5 तारीख तक
EPF/ESIनियमित अंशदान
शिकायतऑनलाइन शिकायत और ट्रैकिंग
नौकरी से हटानानिर्धारित प्रक्रिया जरूरी
सामाजिक सुरक्षाबीमा और अन्य सहायता
सेवा रिकॉर्डडिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध
निगरानीरियल टाइम मॉनिटरिंग

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम को सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, वेतन, सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक बड़े संस्थागत बदलाव के रूप में पेश किया है। सरकार का दावा है कि इससे 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को अधिक पारदर्शी व्यवस्था, समय पर भुगतान और बेहतर सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।