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लखनऊ ट्रैफिक पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप, अवैध वसूली मामले में दो पुलिसकर्मी निलंबित

लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली के आरोप का मामला सामने आया है। ड्यूटी के दौरान कार चालक से कथित रूप से पैसे लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।

Vindhya Dubey06 अग. 2026, 06:38 PM IST
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लखनऊ ट्रैफिक पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप, अवैध वसूली मामले में दो पुलिसकर्मी निलंबित

यह पूरा मामला चिनहट क्षेत्र के कमता तिराहा और शहीद पथ लिंक रोड का बताया जा रहा है। आरोप है कि ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी सड़क पर वाहन चेकिंग के नाम पर कार चालक से पैसे की मांग कर रहे थे। वायरल वीडियो में कथित तौर पर दो पुलिसकर्मी कार के अंदर बैठे नजर आ रहे हैं और चालक से रुपये लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।

 आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने चालक से पांच-पांच सौ रुपये की अवैध वसूली की। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की। वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैफिक विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के निर्देश पर हेड कांस्टेबल तेज भानु सिंह और कांस्टेबल अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। दोनों को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है।


विभागीय जांच के आदेश

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में वीडियो की सत्यता, घटना की पूरी परिस्थितियों और पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। हालांकि, इस मामले में अभी तक संबंधित कार चालक की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस विभाग वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रारंभिक कार्रवाई कर रहा है।


ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

ट्रैफिक पुलिस का काम सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना, यातायात नियमों का पालन कराना और नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करना है। लेकिन ड्यूटी के दौरान अवैध वसूली के आरोप पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करते हैं। लखनऊ पुलिस प्रशासन पहले भी कई बार अपने कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दे चुका है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा भ्रष्टाचार या अवैध गतिविधि में शामिल पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


इस मामले में सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो ही कार्रवाई का मुख्य आधार बना। पुलिस विभाग अब वीडियो की जांच कर यह पता लगाने में जुटा है कि घटना कब की है और उसमें दिखाई दे रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका कितनी स्पष्ट है। अधिकारियों के अनुसार, विभाग में अनुशासन बनाए रखने और आम लोगों का विश्वास कायम रखने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।