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सफाई कर्मचारियों के लिए बड़ा कदम, अब मिलेंगे NAMASTE Cards
केंद्र सरकार ने sanitation workers और waste pickers को Social Security, Health Coverage और सुरक्षित कार्य वातावरण से जोड़ने की दिशा में NAMASTE Scheme के तहत बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली के Najafgarh Zone में waste pickers को NAMASTE Cards वितरित किए गए, जबकि कुछ लाभार्थियों को Ayushman Cards भी मिले। योजना का उद्देश्य sanitation workers की पहचान मजबूत करने के साथ उन्हें Safety, Healthcare और Livelihood Support जैसी सुविधाओं से जोड़ना है।

नई दिल्ली: देश में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ sanitation workers और waste pickers की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और कदम उठाया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने शुक्रवार को दिल्ली के MCD Najafgarh Zone के waste pickers को NAMASTE Cards जारी करने की प्रक्रिया का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन मटियाला स्थित MCD Community Hall में किया गया। इसी कार्यक्रम में कुछ लाभार्थियों को Ayushman Cards भी वितरित किए गए।
क्या है NAMASTE Scheme?
NAMASTE का पूरा नाम National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem है। यह केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य sanitation workers को सुरक्षित और सम्मानजनक काम का माहौल उपलब्ध कराना है। योजना के तहत sanitation work में mechanisation को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि sewer और septic tank की खतरनाक सफाई में workers की सीधे तौर पर निर्भरता कम हो और hazardous manual cleaning को खत्म किया जा सके। इस योजना को Ministry of Social Justice and Empowerment और Ministry of Housing and Urban Affairs मिलकर लागू कर रहे हैं।
Waste Pickers को भी योजना में शामिल किया गया
शुरुआत में NAMASTE Scheme का मुख्य फोकस Sewer and Septic Tank Workers (SSWs) पर था। बाद में जून 2024 से Waste Pickers को भी योजना के target group में शामिल किया गया। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की पहचान, profiling और welfare benefits तक उनकी पहुंच को मजबूत करना है। Waste pickers शहरों में recyclable और अन्य waste को collect तथा segregate करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। NAMASTE के तहत उन्हें formal recognition और विभिन्न welfare measures से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
NAMASTE Card क्यों महत्वपूर्ण है?
NAMASTE Card का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य waste pickers और अन्य sanitation workers की औपचारिक पहचान और welfare system से जुड़ाव मजबूत करना है। इसके जरिए सरकार के पास workers की पहचान और profiling से संबंधित व्यवस्थित जानकारी उपलब्ध होती है, जिससे उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच दिलाने में मदद मिल सकती है। PIB के अनुसार, NAMASTE के तहत देशभर में sanitation workers की digital profiling और validation पर भी काम किया गया है। यह प्रक्रिया उन workers को सरकारी welfare system में शामिल करने की दशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार करती है जो लंबे समय तक formal systems से बाहर रहे हैं।
Health Coverage पर भी जोर
NAMASTE Scheme केवल पहचान पत्र उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसके तहत sanitation workers को health coverage, occupational safety training और Personal Protective Equipment (PPE) जैसे support measures से जोड़ने का प्रावधान है। आज के दिल्ली कार्यक्रम में NAMASTE Cards के साथ Ayushman Cards का वितरण भी किया गया। इसका उद्देश्य eligible beneficiaries को health-related government benefits से जोड़ना है।
Mechanisation से खतरनाक सफाई पर रोक
NAMASTE Scheme का एक प्रमुख लक्ष्य sanitation work को ज्यादा सुरक्षित बनाना है। सरकार manual cleaning की जगह machine-based sanitation को बढ़ावा दे रही है। Sewer और septic tank की सफाई के दौरान workers को कई तरह के occupational hazards का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में mechanised equipment, safety devices, PPE और trained workforce के माध्यम से काम को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य sanitation work में fatalities को रोकना और workers को Safety, Dignity और Social Security उपलब्ध कराना है।
Workers को Livelihood Support भी
NAMASTE के तहत sanitation workers को केवल safety equipment उपलब्ध कराने के बजाय उनके livelihood को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। योजना में sanitation-related projects के लिए capital subsidy और sanitation vehicle loans जैसे livelihood support measures भी शामिल हैं। इससे workers को पारंपरिक और जोखिम भरे sanitation work पर निर्भर रहने के बजाय mechanised sanitation से जुड़े काम और उद्यम शुरू करने का अवसर मिल सकता है।
Digital Database से होगी बेहतर पहचान
NAMASTE Scheme के तहत देशभर के sanitation workers का digital profiling और validation किया जा रहा है। PIB के मुताबिक, इस पहल के जरिए urban India में sanitation workers का एक बड़े स्तर का digital database तैयार किया गया है। यह database सरकार और Urban Local Bodies को workers की पहचान करने, उन्हें welfare schemes से जोड़ने और विभिन्न support measures की निगरानी करने में मदद करता है।
दिल्ली से मजबूत हुआ अभियान
Najafgarh Zone में NAMASTE Cards का वितरण इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने waste pickers के sanitation और hygiene में योगदान की सराहना करते हुए उनके working conditions और welfare schemes तक पहुंच बेहतर बनाने के लिए सरकार के सहयोग का भरोसा दिलाया। केंद्र सरकार के अनुसार, NAMASTE का उद्देश्य sanitation workers को केवल सफाई व्यवस्था का हिस्सा मानने के बजाय उन्हें सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के साथ एक औपचारिक workforce के रूप में पहचान देना है।
आगे क्या?
NAMASTE Scheme के तहत सरकार का फोकस आने वाले समय में workers की identification, health coverage, safety training, PPE, mechanisation और livelihood support को और मजबूत करने पर है। Waste pickers को NAMASTE framework में शामिल किए जाने और अब NAMASTE Cards के वितरण से इस वर्ग को सरकारी welfare ecosystem से जोड़ने की प्रक्रिया को और गति मिलने की उम्मीद है।
