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‘सावरकर मुस्लिम विरोधी नहीं थे, राहुल गांधी ने बदनाम किया’, पुणे कोर्ट में ग्रैंडनेफ्यू सत्यकी सावरकर का बड़ा दावा
सावरकर को ‘मुस्लिम विरोधी’ बताने के आरोप पर राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 1 सितंबर 2026 को पुणे की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सत्यकी सावरकर ने दावा किया कि लंदन में दिए राहुल गांधी के भाषण ने उनके ग्रैंड अंकल विनायक दामोदर सावरकर की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया।

लंदन में दिए राहुल गांधी के भाषण को लेकर चल रहे मानहानि केस में 1 सितंबर 2026 को पुणे की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वीर सावरकर के ग्रैंडनेफ्यू सत्यकी सावरकर ने दावा किया कि राहुल गांधी ने लंदन में दिए भाषण के जरिए उनके ग्रैंड अंकल विनायक दामोदर सावरकर को ‘मुसलमानों से नफरत करने वाला’ व्यक्ति बताकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया।
क्या है पूरा मामला?
यह आपराधिक मानहानि का मामला राहुल गांधी के मार्च 2023 में लंदन में दिए भाषण से जुड़ा है। सत्यकी सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में सावरकर की कथित किताब में वर्णित एक घटना का उल्लेख किया था, जिसमें सावरकर और उनके कुछ साथियों द्वारा एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने का दावा किया गया था। सत्यकी ने अदालत में कहा कि राहुल गांधी द्वारा इस घटना का उल्लेख करने से सावरकर की छवि एक ‘चरम मुस्लिम विरोधी’ और ‘मॉब लिंचर’ के रूप में पेश हुई।
1 सितंबर को कोर्ट में क्या हुआ?
1 सितंबर 2026 को स्पेशल जज अमोल शिंदे की अदालत में सत्यकी सावरकर की गवाही पर राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने जिरह की। जिरह के दौरान सत्यकी से पूछा गया कि राहुल गांधी के भाषण में उन्हें कौन-सा हिस्सा मानहानिकारक लगा। इस पर सत्यकी ने उस कथित अंश की ओर अदालत का ध्यान दिलाया और कहा कि इससे सावरकर को मुसलमानों से नफरत करने वाला व्यक्ति बताया गया। उन्होंने कहा कि सावरकर ने कभी मुसलमानों से नफरत नहीं की और अपने लेखन में उनके विकास तथा प्रगति के तरीकों पर भी विचार किया था।
सत्यकी ने कोर्ट में क्या कहा?
सत्यकी सावरकर ने अदालत में दावा किया कि उनके ग्रैंड अंकल की छवि को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कथित बयान से ऐसा संदेश गया कि सावरकर मुस्लिम विरोधी और हिंसक व्यक्ति थे। हालांकि, यह सत्यकी सावरकर का अदालत में दिया गया बयान है। अदालत ने अभी यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि राहुल गांधी का कथित बयान वास्तव में आपराधिक मानहानि की श्रेणी में आता है।
किस कोर्ट में चल रहा है केस?
मामले की सुनवाई पुणे की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट में हो रही है। 1 सितंबर 2026 की सुनवाई के दौरान स्पेशल जज अमोल शिंदे के सामने सत्यकी सावरकर की जिरह जारी रही। राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता मिलिंद पवार ने उनसे सवाल किए।
आगे क्या होगा?
फिलहाल मामले में गवाही और जिरह की प्रक्रिया चल रही है। कोर्ट आगे दोनों पक्षों के साक्ष्य और दलीलों पर विचार करेगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि राहुल गांधी के भाषण में सावरकर के संबंध में कही गई बातें कानूनी रूप से आपराधिक मानहानि बनती हैं या नहीं।
