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सूर्योदय के साथ दुनिया में लहराया तिरंगा, ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ग्लोबल रिले की शुरुआत
‘सूर्यपथ तिरंगा’ ग्लोबल रिले के तहत स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया भर में तिरंगा फहराया गया। सुबह 1:30 बजे से 10:30 बजे IST तक 21 भारतीय मिशनों और पोस्ट ने सूर्योदय के क्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर भारत की एकता, देशभक्ति और वैश्विक उपस्थिति का संदेश दिया। यह पहल ‘हर घर तिरंगा 2026’ समारोह का हिस्सा है।

भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस बार तिरंगे का जश्न देश की सीमाओं से निकलकर पूरी दुनिया में नजर आया। ‘सूर्यपथ तिरंगा’ ग्लोबल रिले के तहत सूर्योदय के साथ दुनिया के अलग-अलग देशों में स्थित भारतीय मिशनों और पोस्ट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। 1:30 बजे IST से 10:30 बजे IST तक 21 भारतीय मिशनों और पोस्ट ने इस वैश्विक रिले में हिस्सा लिया। पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ती इस अनूठी पहल में अलग-अलग समय क्षेत्रों में सूर्योदय के साथ तिरंगा फहराया गया, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ मानो राष्ट्रीय ध्वज सूर्य की किरणों के साथ पूरी दुनिया का सफर कर रहा हो।
सूर्योदय के साथ आगे बढ़ा तिरंगा
‘सूर्यपथ तिरंगा’ के तहत भारतीय मिशनों और पोस्ट पर ध्वजारोहण का एक निर्धारित क्रम तैयार किया गया। दुनिया के जिस हिस्से में सबसे पहले दिन की शुरुआत हुई, वहां तिरंगा फहराया गया। इसके बाद पश्चिम की ओर स्थित अगले मिशन या पोस्ट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का सिलसिला आगे बढ़ता गया। इस तरह समय क्षेत्रों के अंतर को भारत की एकता और राष्ट्रीय गौरव से जोड़ते हुए तिरंगे की वैश्विक यात्रा को प्रतीकात्मक रूप दिया गया।
हर घर तिरंगा 2026 का हिस्सा
यह पहल ‘हर घर तिरंगा 2026’ समारोह के तहत आयोजित की गई। इसका उद्देश्य दुनिया भर में रहने वाले भारतीयों और भारत के मित्रों को राष्ट्रीय ध्वज के माध्यम से देश की स्वतंत्रता, एकता और देशभक्ति की भावना से जोड़ना है।
| क्रम | देश | राजधानी | निर्धारित समय (IST) |
|---|---|---|---|
| 1 | फिजी | सुवा | 1:30 AM |
| 2 | न्यूजीलैंड | वेलिंगटन | 1:45 AM |
| 3 | ऑस्ट्रेलिया | कैनबरा | 3:30 AM |
| 4 | जापान | टोक्यो | 4:30 AM |
| 5 | दक्षिण कोरिया | सियोल | 4:45 AM |
| 6 | चीन | बीजिंग | 5:30 AM |
| 7 | इंडोनेशिया | जकार्ता | 6:30 AM |
| 8 | वियतनाम | हनोई | 6:45 AM |
| 9 | सिंगापुर | सिंगापुर | 7:00 AM |
| 10 | मलेशिया | कुआलालंपुर | 7:15 AM |
| 11 | थाईलैंड | बैंकॉक | 7:30 AM |
| 12 | म्यांमार | यांगून | 7:45 AM |
| 13 | बांग्लादेश | ढाका | 8:00 AM |
| 14 | भूटान | थिम्फू | 8:15 AM |
| 15 | नेपाल | काठमांडू | 8:30 AM |
| 16 | श्रीलंका | कोलंबो | 8:45 AM |
| 17 | मालदीव | माले | 9:00 AM |
| 18 | उज्बेकिस्तान | ताशकंद | 9:15 AM |
| 19 | ओमान | मस्कट | 9:30 AM |
| 20 | संयुक्त अरब अमीरात | अबू धाबी | 9:45 AM |
| 21 | कतर | दोहा | 10:30 AM |
दुनिया तक पहुंचा विकसित भारत का संदेश
‘सूर्यपथ तिरंगा’ केवल ध्वजारोहण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक उपस्थिति और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक भी है। भारतीय मिशनों और पोस्ट ने राष्ट्रीय भावना के दूत के रूप में इस अभियान को आगे बढ़ाया। पूर्व में सूर्योदय की पहली किरण के साथ शुरू हुई तिरंगे की यह प्रतीकात्मक यात्रा पश्चिम की ओर बढ़ते हुए विकसित भारत, राष्ट्रीय गौरव, एकता और देशभक्ति का संदेश लेकर आगे बढ़ी। इस वैश्विक रिले ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को एक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देते हुए यह संदेश दिया कि तिरंगा भौगोलिक सीमाओं से परे भारतीयों को एकजुट करने वाली राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है।
