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Drug-Free India Mission: अमित शाह ने गिनाई सरकार की रणनीति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पणजी में Narcotics Control को लेकर सरकार की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 2029 तक Drug-Free India बनाने के लिए तीन साल का Action Plan तैयार किया है। सरकार का फोकस ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के साथ Prevention, Rehabilitation, Intelligence Sharing और Enforcement को मजबूत करने पर है।

पणजी: केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार, 6 सितंबर 2026 को गोवा की राजधानी पणजी में नारकोटिक्स कंट्रोल को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 2029 तक Drug-Free India बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक का तीन साल का रोडमैप तैयार किया गया है। अमित शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बनाया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है, उसी तरह ड्रग्स की समस्या को भी खत्म करने के लिए व्यापक और समयबद्ध रणनीति अपनाई जा रही है।
चार स्तंभों पर आधारित रणनीति
गृह मंत्री के मुताबिक Drug-Free India के लिए तैयार तीन साल का रोडमैप चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है।
- Intelligence और Operation-based Enforcement
- Precursor और Synthetic Drugs पर नियंत्रण
- Demand Reduction और Harm Reduction
- Capacity Building और Coordination
सरकार का जोर केवल ड्रग्स की तस्करी रोकने पर नहीं, बल्कि इसके पूरे नेटवर्क को तोड़ने, अवैध कमाई पर कार्रवाई करने और नशे की मांग कम करने पर भी है।
'Death Triangle' और 'Death Crescent' से आने वाली तस्करी पर नजर
अमित शाह ने कहा कि भारत में ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए सरकार Death Triangle और Death Crescent से जुड़े रास्तों पर विशेष निगरानी और कार्रवाई कर रही है। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और intelligence sharing को मजबूत किया जा रहा है। सरकार की रणनीति में अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय नेटवर्क को पहचानना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना भी शामिल है।
2014 के बाद ड्रग्स जब्ती में बड़ा इजाफा
गृह मंत्री ने सरकार के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि 2004 से 2014 के बीच करीब 26 लाख किलोग्राम ड्रग्स, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹40,000 करोड़ थी, जब्त की गई थी। वहीं, 2014 से 2026 के बीच 1.19 करोड़ किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.89 लाख करोड़ बताई गई है। इन आंकड़ों के जरिए सरकार ने पिछले वर्षों में narcotics enforcement को तेज करने का दावा किया है।
जांच के तरीके में बदलाव
अमित शाह ने बताया कि सरकार ने ड्रग्स से जुड़े मामलों की जांच में Bottom-to-Top और Top-to-Bottom दोनों तरह के approach को अपनाया है। इसमें केवल ड्रग्स की बरामदगी या छोटे स्तर के आरोपियों तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय पूरे नेटवर्क और उसके वित्तीय ढांचे की जांच पर जोर दिया जा रहा है। वित्तीय जांच और PIT-NDPS जैसे कानूनी प्रावधानों के इस्तेमाल को भी रणनीति का हिस्सा बनाया गया है।
शिक्षण संस्थानों को Drug-Free बनाने पर जोर
सरकार ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए educational institutions को भी अभियान से जोड़ने की योजना बताई है। PIB के मुताबिक शिक्षा, युवा एवं खेल से जुड़े मंत्रालयों और educational institutions के साथ मिलकर संस्थानों को drug-free बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके अलावा NCC, NSS और My Bharat के माध्यम से बड़ी संख्या में 'Nasha Mukt Bharat Mitras' तैयार किए जाने की योजना है। इनका उद्देश्य युवाओं और समाज के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता को मजबूत करना है।
25 करोड़ लोगों तक पहुंचा 'नशा मुक्त भारत अभियान'
अमित शाह ने बताया कि Nasha Mukt Bharat Abhiyaan के तहत अब तक करीब 25 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाई गई है और उन्हें नशे के खिलाफ शपथ दिलाई गई है।करीब 5.7 लाख लोगों को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से नशे की लत से मुक्त कराया गया है।
देश में बढ़ाए जाएंगे De-addiction Centres
नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों के उपचार और पुनर्वास के लिए सरकार de-addiction infrastructure को भी बढ़ाने पर जोर दे रही है। Department of Social Justice, Health Department और Prison Administration मिलकर drug de-addiction centres की संख्या बढ़ाकर 1,751 करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य enforcement के साथ-साथ treatment और rehabilitation की व्यवस्था को भी मजबूत करना है।
भगोड़ों के खिलाफ भी अभियान
अमित शाह ने कहा कि सरकार देश से बाहर भाग चुके अपराधियों को वापस लाने के लिए nationwide campaign चला रही है। इसमें economic offences, terrorism, narcotics और gang-related crimes से जुड़े भगोड़ों को भारतीय अदालतों के सामने लाने पर जोर दिया जा रहा है।
2029 तक Drug-Free India का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक के लिए स्पष्ट और time-bound roadmap तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य enforcement, prevention, rehabilitation और coordination को एक साथ आगे बढ़ाते हुए 2029 तक Drug-Free India के संकल्प को पूरा करना है। पणजी में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद थे।
