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PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, भारत से रिश्ते हुए और मजबूत; यूरेनियम सप्लाई पर बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को Comprehensive Strategic Partnership के स्तर तक ले जाने का फैसला किया। राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘Oliy Darajali Dustlik’ प्रदान किया। दोनों देशों ने यूरेनियम की दीर्घकालिक सप्लाई का ढांचा तैयार करने, रक्षा सहयोग बढ़ाने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।

Samant Dubey30 अग. 2026, 05:57 PM IST
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PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, भारत से रिश्ते हुए और मजबूत; यूरेनियम सप्लाई पर बड़ा फैसला

      ताशकंद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा भारत और मध्य एशिया के साथ उसके रणनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने PM मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘Oliy Darajali Dustlik’ से सम्मानित किया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में मोदी के योगदान के लिए दिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यह PM मोदी का 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। PM मोदी ने इस सम्मान को भारत और उज्बेकिस्तान की दोस्ती को समर्पित किया। उन्होंने ‘Dostlik’ यानी दोस्ती को दोनों देशों के रिश्तों की बुनियाद से जोड़ते हुए कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं, बल्कि भारत के लोगों का भी सम्मान है।

भारत-उज्बेकिस्तान संबंध अब Comprehensive Strategic Partnership

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को Comprehensive Strategic Partnership के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया। दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, खनन, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब भारत मध्य एशिया में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।

यूरेनियम की दीर्घकालिक सप्लाई पर बड़ा फैसला

दौरे का सबसे अहम रणनीतिक पहलू यूरेनियम सप्लाई से जुड़ा रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए व्यवस्था स्थापित करेंगे। परमाणु ऊर्जा के लिए ईंधन की स्थिर उपलब्धता भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में सप्लाई की विस्तृत मात्रा और समयसीमा का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए इसे फिलहाल long-term supply arrangement/framework के रूप में ही रिपोर्ट करना उचित है।

2030 तक 5 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य

भारत और उज्बेकिस्तान ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान व्यापार एक अरब डॉलर से अधिक बताया गया है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए नए अवसर तलाशने पर जोर दिया गया। इसके लिए उद्योगों के बीच संपर्क बढ़ाने और व्यापारिक सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

रक्षा और रणनीतिक सहयोग भी एजेंडे में

दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भी आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। रिपोर्टों के अनुसार, रक्षा क्षेत्र में सह-उत्पादन और सहयोग की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों पक्षों ने सहयोग जारी रखने की बात कही।

New Tashkent और GIFT City पर भी चर्चा

उज्बेकिस्तान के New Tashkent प्रोजेक्ट और भारत के GIFT City के अनुभवों को लेकर भी बातचीत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान को शहरी विकास और योजना से जुड़े भारतीय अनुभव साझा करने की पेशकश की। दोनों देशों के बीच तीन Sister City/Sister State व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम चल रहा है।

शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति में भी सहयोग

दोनों देशों ने शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति, आयुर्वेद और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों और व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया। उज्बेकिस्तान में बौद्ध विरासत से जुड़े Fayaz Tepa और Kara Tepa स्थलों के संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए भी सहयोग पर सहमति बनी है।

SCO Summit के लिए किर्गिस्तान जाएंगे PM मोदी

उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा का अगला पड़ाव किर्गिस्तान है, जहां वह Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। मध्य एशिया के साथ भारत के संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को लेकर यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, PM मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा में सिर्फ सर्वोच्च सम्मान ही नहीं, बल्कि Comprehensive Strategic Partnership, दीर्घकालिक यूरेनियम सप्लाई, 5 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य, रक्षा सहयोग और शिक्षा-संस्कृति समेत कई क्षेत्रों में नए समझौते सामने आए हैं। इससे भारत की Central Asia Policy को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।