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Swine Flu पर राजस्थान सरकार अलर्ट
राजस्थान में 1 अगस्त से अब तक Swine Flu के 104 मामले सामने आए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में Swine Flu और Flu-like Illness के मरीजों के लिए Dedicated OPD शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही Screening और Testing बढ़ाने तथा हाई-रिस्क मरीजों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

जयपुर, राजस्थान: राजस्थान में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू और Influenza Like Illness (ILI) के मरीजों के लिए अलग OPD शुरू करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 1 अगस्त 2026 से अब तक राज्य में स्वाइन फ्लू के 104 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की जल्द पहचान, जांच और जरूरत पड़ने पर समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।
अगस्त में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले
राजस्थान में अगस्त के दौरान स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के पहले जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में 55 H1N1 मामले सामने आए थे, जो 2026 में किसी एक महीने में सबसे अधिक थे। जनवरी से अगस्त के बीच राज्य में कुल 146 मामले दर्ज किए गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल किसी नए या ज्यादा खतरनाक H1N1 स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है।
ILI और गंभीर मरीजों की होगी जांच
नए निर्देशों के तहत सरकारी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की अलग से स्क्रीनिंग की जाएगी, जिनमें बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने Influenza Like Illness यानी ILI के मरीजों की निगरानी बढ़ाने के साथ गंभीर सांस संबंधी संक्रमण वाले मरीजों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा है। जरूरत के अनुसार मरीजों के सैंपल लेकर जांच की जाएगी और गंभीर स्थिति वाले मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया जाएगा।
अस्पतालों में दवाओं और जरूरी सुविधाओं की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाओं, मास्क और अन्य सुरक्षा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा है। अस्पतालों में संदिग्ध और गंभीर मरीजों के लिए जरूरी बेड तथा आइसोलेशन की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेजों और जिला स्तर के अस्पतालों को मरीजों की स्क्रीनिंग, टेस्टिंग, इलाज और जरूरत पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष नजर
स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन लोगों पर विशेष निगरानी रखने को कहा है, जिन्हें फ्लू से जटिलताओं का ज्यादा जोखिम हो सकता है। इनमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक ढकें, हाथों की नियमित सफाई रखें और बीमार होने की स्थिति में भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाए रखें। लक्षण गंभीर होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने बढ़ाई निगरानी
राजस्थान सरकार पड़ोसी राज्यों समेत देश के अन्य हिस्सों में बढ़ रहे H1N1 मामलों को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मौजूदा स्थिति में सतर्कता और समय पर इलाज सबसे महत्वपूर्ण है। अलग OPD, स्क्रीनिंग और अस्पतालों में जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देशों का उद्देश्य मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा देना और संक्रमण के संभावित प्रसार को नियंत्रित करना है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों से बचने और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।
