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डोंबिवली: चार पहिया वाहन दिलाने और किराए पर लगाने के नाम पर रिक्शा चालक से ₹8.44 लाख की ठगी, आरोपी संदीप दत्ताराम अर्डेकर पर मामला दर्ज
डोंबिवली: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में एक रिक्शा चालक को नई कार दिलाने, उसे भाड़े पर लगाने और लोन दिलवाने का झांसा देकर 8.44 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। डोंबिवली पुलिस ने पीड़ित चालक की शिकायत पर आरोपी संदीप दत्ताराम अर्डेकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, डोंबिवली पश्चिम के नेमाडे गल्ली निवासी 54 वर्षीय सुनील दाजी लबदे रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। चार पहिया वाहन खरीदकर उसे किराए पर चलाने की मंशा से उन्होंने एक मोटर ट्रेनिंग स्कूल में दाखिला लिया था। वहीं उनकी पहचान संदीप दत्ताराम अर्डेकर से कराई गई, जिसने खुद को वाहनों की खरीद-बिक्री, लोन कराने और गाड़ियों को किराए पर लगवाने का काम करने वाला बताया।
गाड़ी बुकिंग के नाम पर लिए लाखों रुपये
आरोपी संदीप ने पीड़ित को बदलापुर स्थित एक शोरूम से नेक्सा एक्सएल-6 (Nexa XL-6) कार खरीदने की सलाह दी और डाउन पेमेंट व बुकिंग के नाम पर करीब 3.85 लाख रुपये ले लिए। कई हफ्तों तक गाड़ी की डिलीवरी न मिलने पर आरोपी ने उन्हें दूसरी कार (ह्युंडई ऑरा) लेने के लिए राजी किया और इसके लिए अलग से 2.50 लाख रुपये का डाउन पेमेंट करवा लिया।
किराया हड़पा और व्यक्तिगत कारणों से लिए पैसे
ऑरा कार मिलने के बाद आरोपी ने उसे हर महीने 35,000 रुपये के किराए पर खुद के पास रख लिया, लेकिन तय किराया नहीं दिया। इसके अलावा, आरोपी ने अपने पिता की बीमारी और अन्य निजी जरूरतों का हवाला देकर सुनील से 1.60 लाख रुपये नकद व चेक के जरिए लिए। जब सुनील ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी द्वारा दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए। इतना ही नहीं, नेक्सा शोरूम से बुकिंग रद्द होने के बाद मिला 46,000 रुपये का रिफंड चेक भी आरोपी ने धोखे से खुद रख लिया।
लोन ऐप और महंगे मोबाइल फोन के नाम पर भी चूना
आरोपी ने अपना सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब होने का बहाना बनाकर पीड़ित के फोन में विभिन्न लोन ऐप डाउनलोड करवाए और 92,800 रुपये का लोन लेकर रकम अपने पास रख ली। इसके साथ ही अपने और अपनी पत्नी के इस्तेमाल के लिए पीड़ित के नाम पर आईफोन 16 और वीवो समेत तीन महंगे मोबाइल फोन (मूल्य ₹1,40,665) फाइनेंस करवाए। इनकी ईएमआई न चुकाने के कारण पीड़ित को अलग से बैंक पेनल्टी भरनी पड़ी।
फर्जी पते का हुआ खुलासा
संदेह होने पर जब पीड़ित ने संदीप द्वारा दिए गए पते (विघ्नेश कॉम्प्लेक्स, चोलेगांव, ठाकुरली) पर जाकर पड़ताल की, तो वहां उस नाम की कोई इमारत ही नहीं मिली। खुद के साथ कुल 8,44,965 रुपये की धोखाधड़ी होने का अहसास होने पर पीड़ित सुनील लबदे ने डोंबिवली पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस निरीक्षक अमरनाथ वाघमोडे मामले की आगे की जांच कर रहे हैं।
