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US-Iran Tension बढ़ा, Hormuz पर Trump का बड़ा बयान
Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 23 अगस्त को दोबारा एक Map शेयर किया, जिसमें Strait of Hormuz को “New US Territory” बताया गया। इसके जवाब में ईरान ने कहा कि जलडमरूमध्य तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता। Hormuz दुनिया के प्रमुख Energy Routes में से एक है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव Global Oil Supply और International Shipping पर असर डाल सकता है।

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक ऐसा नक्शा दोबारा साझा किया, जिसमें Strait of Hormuz को “New US Territory” के रूप में दिखाया गया। इसके जवाब में ईरान ने कहा है कि यह जलमार्ग तब तक नहीं खुलेगा, जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता।
Trump के पोस्ट से बढ़ा तनाव
ट्रंप ने पहले 18 अगस्त को भी इसी तरह का नक्शा साझा किया था। 23 अगस्त को इसे दोबारा पोस्ट किए जाने के बाद US-Iran तनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है। हालांकि, ट्रंप की ओर से साझा किया गया नक्शा किसी औपचारिक कानूनी या संधि के जरिए अमेरिकी क्षेत्र में बदलाव की घोषणा नहीं है। यह उनके सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में सामने आया है।
ईरान ने जलडमरूमध्य को लेकर क्या कहा?
ईरान का कहना है कि Strait of Hormuz को लेकर उसका रुख अमेरिका की सैन्य और आर्थिक कार्रवाई से जुड़ा है। तेहरान ने संकेत दिया है कि अमेरिका द्वारा अपनी नीतियों में बदलाव किए जाने तक जलमार्ग को सामान्य रूप से खोलने का सवाल नहीं है। ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने अमेरिका की आर्थिक दबाव की रणनीति में शामिल होने वाले देशों को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे देशों को ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल माना जाएगा।
Hormuz इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
Strait of Hormuz फारस की खाड़ी को Gulf of Oman और Arabian Sea से जोड़ता है। इसके जरिए बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का समुद्री परिवहन होता है। इसी वजह से इस जलमार्ग में लंबे समय तक व्यवधान आने पर Global Oil Supply, Shipping और Energy Prices पर असर पड़ सकता है। हाल के दिनों में तेल बाजार में भी US-Iran तनाव के कारण उतार-चढ़ाव देखा गया है।
Shipping पर भी पड़ा असर
हालिया शिप-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार Strait of Hormuz से गुजरने वाले commercial vessels की संख्या सामान्य स्तर से काफी कम रही है। Reuters के अनुसार 19 और 20 अगस्त को नौ commodity vessels के गुजरने का रिकॉर्ड मिला था। हालांकि ट्रांसपोंडर बंद होने के कारण कुछ जहाज tracking data में दिखाई नहीं दे सकते हैं। इसका मतलब यह है कि जलमार्ग को लेकर अमेरिका और ईरान के अलग-अलग दावों के बीच वास्तविक shipping activity को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
बातचीत की कोशिशें भी जारी
तनाव के बावजूद diplomatic efforts पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। मिस्र ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने की कोशिश की है। वहीं पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के 24 अगस्त को तेहरान दौरे की भी घोषणा हुई है। रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को लेकर मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।
Global Economy के लिए क्यों अहम?
Strait of Hormuz को लेकर लंबे समय तक तनाव बना रहा तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत समेत कई oil-importing countries की import costs प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा shipping insurance, freight costs और global supply chains पर भी दबाव बढ़ सकता है। हाल ही में US-Iran तनाव के बीच Brent crude करीब $94 प्रति barrel तक पहुंचा था।
आगे क्या?
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। एक ओर Washington आर्थिक दबाव और sanctions बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं Tehran Strait of Hormuz को लेकर अपने रुख पर कायम है। साथ ही Egypt और Pakistan जैसे देश diplomatic channels के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
Strait of Hormuz अब US-Iran तनाव का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। ट्रंप द्वारा इसे “New US Territory” दिखाने वाला नक्शा दोबारा साझा करने और ईरान की ओर से जलमार्ग को लेकर कड़ा रुख अपनाए जाने से तनाव और बढ़ गया है। आने वाले दिनों में diplomatic talks की दिशा और Hormuz में shipping activity पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
