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अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की विदेश छात्रवृत्ति योजना में बड़ा बदलाव; चयन समिति का पुनर्गठन

महाराष्ट्र सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली ‘विदेश छात्रवृत्ति योजना’ के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया है। योजना को अल्पसंख्यक आयुक्तालय को हस्तांतरित किए जाने के बाद अब विद्यार्थियों के अंतिम चयन के लिए गठित समिति का भी पुनर्गठन किया गया है। आयुक्त, अल्पसंख्यक आयुक्तालय, छत्रपति संभाजीनगर को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है।

Priyanka Gaikwad11 अग. 2026, 03:46 PM IST
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अल्पसंख्यक विद्यार्थियों की विदेश छात्रवृत्ति योजना में बड़ा बदलाव; चयन समिति का पुनर्गठन
मुंबई : अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार की ओर से ‘विदेश छात्रवृत्ति योजना’ चलाई जा रही है। योजना के प्रशासनिक क्रियान्वयन को लेकर राज्य के अल्पसंख्यक विकास विभाग ने अब महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 10 अगस्त 2026 को जारी शासन निर्णय के माध्यम से इस योजना के लिए गठित चयन समिति का पुनर्गठन किया गया है। नए बदलाव के तहत अब योजना के संचालन और विद्यार्थियों के अंतिम चयन की प्रक्रिया में अल्पसंख्यक आयुक्तालय की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

समाज कल्याण विभाग से अल्पसंख्यक आयुक्तालय को हस्तांतरित हुई योजना
अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 23 नवंबर 2023 के शासन निर्णय के अनुसार ‘विदेश छात्रवृत्ति योजना’ शुरू की गई थी। इसके बाद 21 अगस्त 2024 के शासन निर्णय के माध्यम से योजना में संशोधन किया गया। योजना लागू किए जाने के समय अल्पसंख्यक विकास विभाग के पास स्वतंत्र क्षेत्रीय तंत्र उपलब्ध नहीं था। इसलिए योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी आयुक्त, समाज कल्याण आयुक्तालय, पुणे को सौंपी गई थी। हालांकि, समाज कल्याण आयुक्तालय के पास पहले से मौजूद कार्यभार, मानव संसाधन और रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए इस योजना को अल्पसंख्यक आयुक्तालय को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया गया था।  इसके बाद सरकार ने 3 जून 2026 के शासन निर्णय के माध्यम से विदेश छात्रवृत्ति योजना को अल्पसंख्यक आयुक्तालय को हस्तांतरित कर दिया। इससे योजना के आगे के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अल्पसंख्यक आयुक्तालय के पास आ गई।

चयन समिति में बदलाव क्यों किया गया?
योजना के प्रारंभिक शासन निर्णय के अनुसार अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के अंतिम चयन के लिए एक चयन समिति गठित की गई थी। इस समिति के सदस्य सचिव के रूप में आयुक्त, समाज कल्याण, पुणे कार्य कर रहे थे। लेकिन योजना को समाज कल्याण आयुक्तालय से अल्पसंख्यक आयुक्तालय को हस्तांतरित किए जाने के बाद चयन समिति की पुरानी संरचना में बदलाव करना आवश्यक हो गया था। इसी के मद्देनजर सरकार ने अब चयन समिति का पुनर्गठन किया है।

छह सदस्यीय होगी संशोधित चयन समिति
10 अगस्त 2026 के शासन निर्णय के अनुसार विदेश छात्रवृत्ति योजना के विद्यार्थियों के अंतिम चयन के लिए छह सदस्यीय संशोधित चयन समिति गठित की गई है। समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग करेंगे। वहीं सामाजिक न्याय, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा चिकित्सा शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों को समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

संशोधित चयन समिति की संरचना

1. अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग — अध्यक्ष
2. अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग — सदस्य
3. अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग — सदस्य
4. संचालक, तकनीकी शिक्षा संचालनालय, मुंबई — सदस्य
5. संचालक, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संचालनालय, मुंबई — सदस्य
6. आयुक्त, अल्पसंख्यक आयुक्तालय, छत्रपति संभाजीनगर — सदस्य सचिव

योजना की अन्य शर्तें यथावत
सरकार के इस निर्णय से विदेश छात्रवृत्ति योजना की पात्रता या अन्य नियम एवं शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। शासन निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि 23 नवंबर 2023, 20 जून 2024, 21 अगस्त 2024 और 3 जून 2026 को जारी संबंधित शासन निर्णयों में निर्धारित अन्य सभी नियम, शर्तें और प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे। अर्थात, 10 अगस्त 2026 का यह शासन निर्णय मुख्य रूप से योजना के प्रशासनिक क्रियान्वयन और चयन समिति के पुनर्गठन से संबंधित है।

विद्यार्थियों के लिए क्या बदलेगा?
इस प्रशासनिक बदलाव के बाद विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के आवेदनों की जांच और अंतिम चयन प्रक्रिया में अल्पसंख्यक आयुक्तालय की सीधी भूमिका होगी। नई चयन समिति में अल्पसंख्यक विकास विभाग के साथ-साथ सामाजिक न्याय, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। इससे विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े अधिकारियों की भागीदारी के साथ विद्यार्थियों के चयन की प्रशासनिक प्रक्रिया को संचालित किया जाएगा। हालांकि, विद्यार्थियों को यह ध्यान रखना होगा कि इस शासन निर्णय से छात्रवृत्ति की मूल पात्रता, नियम या अन्य शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पुराने शासन निर्णयों में निर्धारित नियम ही लागू रहेंगे।