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अवैध ढाबों और दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी, हाईवे किनारे नए निर्माण पर रोक

महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों की Right of Way (ROW) जमीन पर मौजूद अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्थानीय निकायों को ऐसे निर्माणों की पहचान कर उन्हें 60 दिनों के भीतर हटाने को कहा गया है। हाईवे के ROW क्षेत्र में नए ढाबे, दुकानें और अन्य व्यावसायिक निर्माण पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

Neha Sharma12 अग. 2026, 12:40 AM IST
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अवैध ढाबों और दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी, हाईवे किनारे नए निर्माण पर रोक
मुंबई, 11 अगस्त 2026: महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों की जमीन पर बढ़ते अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को राष्ट्रीय राजमार्गों के Right of Way (ROW) क्षेत्र में मौजूद नए और पुराने अनधिकृत निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।

क्या है सरकार का फैसला?
सरकार के निर्देश के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्गों के Right of Way क्षेत्र में बने अवैध ढाबे, रेस्टोरेंट, होटल, दुकानें और अन्य व्यावसायिक ढांचे के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस क्षेत्र में नए व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं होगी। जिला स्तर पर जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि ROW क्षेत्र में मौजूद नए और पुराने अनधिकृत निर्माण को तय समय के भीतर हटाया जाए।

60 दिन में हटेंगे अवैध निर्माण
सरकार ने स्थानीय निकायों को निर्देश दिया है कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे मौजूद अनधिकृत संरचनाओं की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। अवैध निर्माण हटाने या ध्वस्त करने के लिए 60 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसके अलावा हाईवे के सुरक्षा क्षेत्र में पहले से जारी व्यावसायिक लाइसेंस की भी समीक्षा की जाएगी। इस समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों को 30 दिनों का समय दिया गया है।

नए ढाबे और व्यावसायिक निर्माण पर रोक
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के ROW क्षेत्र में नए ढाबे, खाने-पीने के प्रतिष्ठान और अन्य व्यावसायिक संरचनाएं बनाने पर तत्काल रोक लगा दी है। नए लाइसेंस या लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए संबंधित हाईवे प्राधिकरणों से मंजूरी जरूरी होगी।

सड़क सुरक्षा को बनाया गया आधार
सरकार का यह कदम केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक बड़ा उद्देश्य हाईवे पर सड़क सुरक्षा को मजबूत करना भी है। हाईवे के किनारे अनधिकृत ढाबे, दुकानें और अन्य निर्माण कई बार वाहनों की पार्किंग और आवाजाही में बाधा पैदा करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण को लेकर दिए गए निर्देशों के बाद तेज हुई है।

जिलों में बनेगी हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग वाले जिलों में हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स बनाने के निर्देश भी दिए हैं। ये टीमें हाईवे के आसपास की स्थिति की नियमित निगरानी करेंगी और अतिक्रमण या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर अनधिकृत निर्माण से सड़क की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और भविष्य के सड़क विस्तार पर असर पड़ सकता है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार का 60 दिन में अतिक्रमण हटाने का निर्देश सरकारी भूमि की सुरक्षा और हाईवे सुरक्षा—दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन इस अभियान को किस तरह लागू करता है और कितने अनधिकृत निर्माणों पर वास्तव में कार्रवाई होती है।