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आगरा ट्रेन हत्याकांड: हयातुन निशा की हत्या की जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस से मिले मानव अवशेषों की जांच में चेन्नई कनेक्शन सामने आया है। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान हयातुन निशा के रूप में हुई है। जांच में शव के कई हिस्से किए जाने और उन्हें ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाने की बात सामने आई है। मामले में दो संदिग्धों की तलाश जारी है और हत्या की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है।

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच से मानव अवशेष मिलने के बाद शुरू हुई जांच अब चेन्नई तक पहुंच गई है। पुलिस के मुताबिक, 5 अगस्त को ट्रेन से बरामद लाल रंग के ट्रॉली बैग में मानव शरीर के कई हिस्से मिले थे। इसके बाद आगरा जीआरपी ने मामले की जांच शुरू की और जांच की कड़ियां चेन्नई के गुडुवांचेरी इलाके तक पहुंचीं। पुलिस जांच में मृतका की पहचान हयातुन निशा के रूप में हुई है। वह ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली बताई जा रही हैं।
चेन्नई के किराए के मकान से जुड़ा मामला
जांच में सामने आया कि घटना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा चेन्नई के गुडुवांचेरी स्थित एक किराए के मकान से जुड़ा है। पुलिस ने वहां भी जांच की और मानव अवशेष मिलने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने मामले में मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी को मुख्य संदिग्धों के तौर पर चिन्हित किया है। दोनों की तलाश की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे क्या कारण था और घटना को किस तरह अंजाम दिया गया।
18 टुकड़ों में शव करने का दावा
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शव को कई हिस्सों में बांटा गया था। आगरा लाए गए अवशेषों को लेकर रिपोर्टों में करीब 18 टुकड़ों का उल्लेख किया गया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि शरीर के कुछ हिस्सों को मैदा और सब्जी के साथ पकाने या उबालने की कोशिश की गई, ताकि उन्हें पहचानना या बरामद करना मुश्किल हो सके। हालांकि इस पूरे विवरण को पुलिस जांच के निष्कर्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले की अंतिम पुष्टि जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर होगी।
350 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने चेन्नई रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों की CCTV फुटेज खंगाली। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की गई। जांच के दौरान 3 अगस्त की रात एक पुरुष और महिला को लाल रंग के ट्रॉली बैग के साथ देखे जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश तेज कर दी।
हत्या की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं
पुलिस की जांच में हत्या के पीछे व्यक्तिगत विवाद, कथित प्रेम संबंध और आर्थिक लेनदेन जैसे संभावित कारणों की अलग-अलग एंगल से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी एक वजह को अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के जरिए हत्या की पूरी कहानी और शव को आगरा तक पहुंचाने की वजह स्पष्ट करने की कोशिश करेगी।
आगरा से चेन्नई तक फैली जांच
इस मामले ने इसलिए भी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की क्योंकि शव के अवशेष एक राज्य से दूसरे राज्य तक ले जाए गए थे। आगरा में अवशेष मिलने के बाद जांच की कड़ियां चेन्नई से जुड़ीं और अब पुलिस दोनों स्थानों के घटनाक्रम को जोड़कर देख रही है। फिलहाल मामले में संदिग्धों की तलाश, CCTV फुटेज की जांच, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या की वजह और घटना का पूरा क्रम स्पष्ट हो सकेगा।
नोट: मामले की जांच जारी है। इसलिए आरोपियों से जुड़े दावों और हत्या के कारण को तब तक अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए, जब तक पुलिस या अदालत से इसकी आधिकारिक पुष्टि न हो।
