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कुंभमेले में संचार व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद; ‘कुंभदूत’ से ब्लैकआउट रोकने की तैयारी
नाशिक-त्र्यंबकेश्वर में होने वाले आगामी कुंभमेले में करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने संचार व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं पर बढ़ने वाले दबाव को नियंत्रित करने के साथ ही आपात स्थिति में संपर्क व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ‘कुंभदूत’ और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
Priyanka Gaikwad19 अग. 2026, 10:01 AM IST

नाशिक : आगामी कुंभमेले के दौरान नाशिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस दौरान मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर अचानक बढ़ने वाले दबाव के कारण संचार व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन ने विशेष योजना तैयार की है। सार्वजनिक नेटवर्क के साथ सैटेलाइट और अत्याधुनिक संचार तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा। कुंभमेले में लाखों श्रद्धालु एक साथ मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। इससे नेटवर्क पर भारी दबाव पड़ने के कारण कॉल, मैसेज और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने की आशंका रहती है।
इसे रोकने के लिए जरूरत वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल, इंटरनेट गेटवे और डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने की योजना है। आपात स्थिति में संपर्क व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन की सुविधा भी उपयोग में लाई जाएगी। प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, दमकल और अन्य आपातकालीन एजेंसियों के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए अलग नेटवर्क व्यवस्था तैयार की जाएगी।
इसे रोकने के लिए जरूरत वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल, इंटरनेट गेटवे और डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने की योजना है। आपात स्थिति में संपर्क व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन की सुविधा भी उपयोग में लाई जाएगी। प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, दमकल और अन्य आपातकालीन एजेंसियों के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए अलग नेटवर्क व्यवस्था तैयार की जाएगी।
‘कुंभदूत’ बनेगा श्रद्धालुओं का डिजिटल सहायक
श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने के लिए ‘कुंभदूत’ नामक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल सहायक की व्यवस्था की जाएगी। इसके जरिए घाट, पार्किंग, यातायात मार्ग, अस्पताल, रेलवे और बस स्टैंड के साथ ही खोया-पाया केंद्र जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां मोबाइल पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
‘डिजिटल महासिंहस्थ’ पर विशेष जोर
कुंभमेले के दौरान व्यवस्था केवल मोबाइल कॉल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। सीसीटीवी, वाहनों के जीपीएस, ट्रैफिक सेंसर, ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों से मिलने वाले डेटा को कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा। इससे भीड़ की स्थिति, यातायात जाम और संभावित आपात घटनाओं की जानकारी प्रशासन को तत्काल मिल सकेगी। संबंधित विभागों को तुरंत सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी।
मोबाइल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाई जाएगी
कुंभमेले के दौरान सार्वजनिक मोबाइल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के माध्यम से अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं प्रशासनिक कामकाज और आपातकालीन सेवाओं के लिए स्वतंत्र एवं सुरक्षित नेटवर्क तैयार करने की भी योजना है। कुल मिलाकर, कुंभमेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ मजबूत डिजिटल और संचार व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘कुंभदूत’, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और आधुनिक तकनीक के जरिए मेले के दौरान संचार व्यवस्था को निर्बाध रखने का प्रयास किया जाएगा।
