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गढचिरोली की आश्रमशाला में सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत

गडचिरोली के धानोरा स्थित जपतलाई आदिवासी आश्रमशाला में जमीन पर सो रही छह छात्राओं को जहरीले करैत सांप ने डस लिया, जिससे तीन छात्राओं की मौत हो गई और तीन की हालत गंभीर है। घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, जबकि आश्रमशाला में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Khushi11 अग. 2026, 06:10 PM IST
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गढचिरोली की आश्रमशाला में सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत
महाराष्ट्र के गढचिरोली जिले के धानोरा तालुका स्थित जपतलाई अनुदानित आदिवासी आश्रमशाला में 10 अगस्त 2026 की तड़के जमीन पर सो रही छह छात्राओं को विषारी मन्यार (करैत) सांप ने डस लिया, जिसमें तीन छात्राओं की इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।यह दुखद हादसा विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रमों के तुरंत बाद उस समय हुआ, जब 25 साल पुरानी इस आश्रमशाला में बुनियादी सुविधाओं और पलंगों की कमी के कारण 79 छात्राएं जमीन पर सोने के लिए मजबूर थीं। इस घटना ने राज्य भर की आवासीय आश्रमशालाओं में रह रहे हजारों आदिवासी बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह घटना कुपारलिंगो शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विकास अनुसंधान संस्था द्वारा संचालित जपतलाई आश्रमशाला के छात्रावास में तड़के लगभग ढाई बजे घटी। जहरीले सांप के काटने से कक्षा 6 की छात्रा दीपिका लकड़ा (उम्र 12 वर्ष), कक्षा 8 की सुष्मिता मंडल (उम्र 14 वर्ष) और कक्षा 2 की अनु कोरेटी (उम्र 8 वर्ष) की जान चली गई। वहीं दीपिका मडावी (उम्र 11 वर्ष), समृद्धि नैताम (उम्र 14 वर्ष) और कविता किरंगा (उम्र 12 वर्ष) का इलाज चल रहा है।
छात्राओं की स्थिति बिगड़ने पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गढचिरोली के पालक मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जिला प्रशासन से संपर्क किया। उन्होंने गंभीर रूप से पीड़ित छात्रा दीपिका मडावी को तुरंत एयरलिफ्ट करने के निर्देश दिए, जिसके बाद उसे हेलीकॉप्टर द्वारा नागपुर के अस्पताल भेजा गया।

गढचिरोली जिला सामान्य अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मनीष मेश्राम ने बताया, “दीपिका बिटुलुरसाय मडावी की हालत नाजुक बनी हुई है और दो अन्य छात्राओं की स्थिति भी गंभीर है, जिनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। एहतियात के तौर पर हॉस्टल की अन्य 14 छात्राओं को भी चिकित्सीय देखरेख में रखा गया है।”आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उइके ने घटना पर दुख जताते हुए कड़े आदेश जारी किए। डॉ. अशोक उइके ने कहा, “इस दुखद घटना में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों और आश्रमशाला प्रबंधन को तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दे दिए गए हैं।”
स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में पाया गया कि छात्रावास में पलंग की कोई व्यवस्था नहीं थी और परिसर में स्वच्छता का अभाव था।