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छत्रपति संभाजीनगर में दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, बिना पासपोर्ट-वीजा के सीमा पार कर भारत में रह रहे थे

संभाजीनगर में पुलिस ने बिना पासपोर्ट-वीजा भारत में रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा। राष्ट्रीय पहचान पत्र व जन्म प्रमाणपत्र से नागरिकता की पुष्टि हुई। छत्रपति संभाजीनगर जिले के ग्रामीण पुलिस ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर लंबे समय से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। दोनों मांडकी शिवार क्षेत्र स्थित एक ढाबे पर रसोइया और सेवक के रूप में काम कर रहे थे।

Khushi19 अग. 2026, 10:01 AM IST
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छत्रपति संभाजीनगर में दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, बिना पासपोर्ट-वीजा के सीमा पार कर भारत में रह रहे थे
संभाजीनगर: संभाजीनगर में पुलिस ने बिना पासपोर्ट-वीजा भारत में रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा। राष्ट्रीय पहचान पत्र व जन्म प्रमाणपत्र से नागरिकता की पुष्टि हुई।छत्रपति संभाजीनगर जिले के ग्रामीण पुलिस ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर लंबे समय से रह रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। दोनों मांडकी शिवार क्षेत्र स्थित एक ढाबे पर रसोइया और सेवक के रूप में काम कर रहे थे। जांच के दौरान उनके पास बांग्लादेश सरकार के राष्ट्रीय पहचान पत्र और जन्म प्रमाणपत्र मिलने से उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। दोनों के पास भारत में प्रवेश और रहने के लिए आवश्यक वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य यात्रा दस्तावेज नहीं पाए गए।

पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव के मार्गदर्शन में जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई का अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान 11 अगस्त को स्थानीय अपराध शाखा के दल को मांडकी शिवार क्षेत्र में कुछ संदिग्ध विदेशी नागरिकों के रहने की सूचना मिली।इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा और चिकलथाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इमानदार ढाबे पर पहुंचकर वहां काम कर रहे दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनकी पहचान मोहम्मद बिलाल मोहम्मद 

मुकलिसउद्दल रेहमान (27) और मोहम्मद रासेल मोहम्मद इरशाद अली (19) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बांग्लादेश के झिनायदा जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में मांडकी शिवार में रह रहे थे।
पूछताछ में दोनों ने शुरुआत में खुद को भारतीय नागरिक बताया। हालांकि, उनकी बातचीत और जानकारी में विरोधाभास मिलने पर पुलिस को संदेह हुआ। गहन पूछताछ के बाद दोनों ने बांग्लादेश का नागरिक होना स्वीकार किया। मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की जांच में बांग्लादेश के राष्ट्रीय पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र तथा वहां रहने वाले रिश्तेदारों से संपर्क के प्रमाण मिले।