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नोएडा डेटा सेंटर की बिजली पर बड़ा अपडेट, लाइसेंस प्रक्रिया शुरू

नोएडा के सेक्टर-62 स्थित डेटा सेंटर पार्क के लिए अलग बिजली वितरण व्यवस्था बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने प्रस्तावित समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस को लेकर जनता और संबंधित हितधारकों से आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। लाइसेंस मंजूर होने पर डेटा सेंटर पार्क के भीतर बिजली आपूर्ति के लिए समर्पित वितरण व्यवस्था विकसित की जा सकती है।

Neha Sharma13 अग. 2026, 09:43 PM IST
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नोएडा डेटा सेंटर की बिजली पर बड़ा अपडेट, लाइसेंस प्रक्रिया शुरू

नोएडा: नोएडा के सेक्टर-62 में विकसित किए जा रहे डेटा सेंटर पार्क को बिजली की आपूर्ति और वितरण के लिए अलग लाइसेंस देने की प्रक्रिया अब सार्वजनिक परामर्श के चरण में पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने इस मामले में जनता और संबंधित हितधारकों से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए हैं। मामला Adani Energy Solutions Step Eleven Limited (AESSEL) की उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें नोएडा के डेटा सेंटर पार्क के भीतर बिजली के वितरण और आपूर्ति के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस मांगा गया है। प्रस्तावित डेटा सेंटर पार्क DC Development Noida Limited द्वारा सेक्टर-62 के प्लॉट नंबर 20 पर विकसित किया जा रहा है।


क्या है पूरा मामला?

AESSEL ने UPERC के समक्ष डेटा सेंटर पार्क के भीतर बिजली वितरण का लाइसेंस देने की मांग की है। कंपनी का तर्क है कि डेटा सेंटर जैसे अत्यधिक बिजली-निर्भर प्रतिष्ठानों के लिए विश्वसनीय और निरंतर बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। UPERC की वेबसाइट पर इस मामले को Petition No. 2333 of 2025 के रूप में दर्ज किया गया है। आयोग की ओर से 24 जुलाई 2026 को जारी नोटिस में सेक्टर-62 स्थित डेटा सेंटर पार्क के लिए वितरण लाइसेंस से संबंधित याचिका का उल्लेख किया गया है।


समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस क्या है?

समानांतर वितरण लाइसेंस का मतलब यह है कि किसी निर्धारित क्षेत्र में मौजूदा बिजली वितरण व्यवस्था के साथ एक अन्य लाइसेंसधारी को भी बिजली वितरण और आपूर्ति की अनुमति दी जा सकती है। इस मामले में प्रस्तावित लाइसेंस पूरे नोएडा के लिए नहीं, बल्कि संबंधित डेटा सेंटर पार्क के निर्धारित क्षेत्र के भीतर बिजली वितरण से जुड़ा है। इसका उद्देश्य डेटा सेंटर की विशेष बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए एक समर्पित वितरण व्यवस्था उपलब्ध कराना है।


डेटा सेंटर के लिए बिजली क्यों अहम?

डेटा सेंटर में बड़ी संख्या में सर्वर और नेटवर्क उपकरण लगातार चलते रहते हैं। इनके संचालन के साथ-साथ कूलिंग सिस्टम, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तकनीकी उपकरणों के लिए भी लगातार बिजली की आवश्यकता होती है। बिजली आपूर्ति में व्यवधान डेटा सेंटर के संचालन को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि दुनिया भर में डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए power reliability और dedicated electricity infrastructure को महत्वपूर्ण माना जाता है। UPERC के एक हालिया टैरिफ आदेश में भी डेटा सेंटरों को उत्तर प्रदेश की Data Centre Policy के तहत विशेष प्रकार के उपभोक्ताओं के रूप में देखा गया है और समानांतर लाइसेंस व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।


अब जनता से क्यों मांगी जा रही है राय?

वितरण लाइसेंस देने से पहले नियामक प्रक्रिया के तहत संबंधित पक्षों और जनता को अपनी आपत्तियां या सुझाव रखने का अवसर दिया जा रहा है। इससे आयोग को प्रस्तावित लाइसेंस के विभिन्न पहलुओं पर हितधारकों की राय मिल सकेगी। इस प्रक्रिया में बिजली उपभोक्ता, उद्योग संगठन और अन्य संबंधित पक्ष अपनी चिंताओं या सुझावों को नियामक के सामने रख सकते हैं। अंतिम निर्णय लेने से पहले आयोग इन पहलुओं पर विचार करेगा।


नोएडा के डेटा सेंटर सेक्टर के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

नोएडा और आसपास का क्षेत्र देश के प्रमुख डेटा सेंटर और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रों में विकसित हो रहा है। ऐसे में बिजली की उपलब्धता और विश्वसनीयता इस क्षेत्र में नए निवेश को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी जरूरत है। अगर लाइसेंस मंजूर होता है, तो संबंधित डेटा सेंटर पार्क में बिजली वितरण के लिए एक अलग व्यवस्था स्थापित करने का रास्ता साफ हो सकता है। इससे डेटा सेंटर संचालन के लिए आवश्यक बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को अधिक विशेषीकृत तरीके से विकसित करने में मदद मिल सकती है।


नियामक आयोग के सामने अगला कदम

UPERC की सुनवाई सूची में 30 जुलाई 2026 को Petition No. 2333/2025 की सुनवाई दर्ज है। मामला अब नियामक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है। हालांकि, सार्वजनिक परामर्श शुरू होना लाइसेंस मंजूर होने के बराबर नहीं है। अंतिम फैसला आयोग द्वारा संबंधित दस्तावेजों, आपत्तियों, सुझावों और नियामकीय आवश्यकताओं की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।


क्या होगा असर?

यदि प्रस्तावित वितरण लाइसेंस को मंजूरी मिलती है, तो डेटा सेंटर पार्क के भीतर बिजली आपूर्ति के लिए अलग वितरण व्यवस्था विकसित हो सकती है। इससे बड़े डेटा सेंटरों के लिए बिजली की विश्वसनीयता और संचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की संभावना है। साथ ही, नियामक के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्था मौजूदा बिजली वितरण प्रणाली, उपभोक्ताओं और राज्य के बिजली क्षेत्र के व्यापक हितों के अनुरूप हो।


एक नजर में

  • स्थान: प्लॉट 20, सेक्टर-62, नोएडा
  • परियोजना: Data Centre Park
  • डेवलपर: DC Development Noida Limited
  • लाइसेंस आवेदक: Adani Energy Solutions Step Eleven Limited
  • नियामक: UPERC
  • याचिका: 2333 of 2025
  • मुद्दा: डेटा सेंटर पार्क के भीतर बिजली वितरण एवं आपूर्ति का लाइसेंस
  • वर्तमान स्थिति: सार्वजनिक आपत्तियों और सुझावों की प्रक्रिया जारी

नोएडा के डेटा सेंटर पार्क के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस की प्रक्रिया तकनीकी और नियामकीय दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अभी आयोग ने अंतिम मंजूरी नहीं दी है; फिलहाल प्रस्ताव पर सार्वजनिक राय ली जा रही है।