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प्रयागराज में राहुल गांधी के युवा संवाद कार्यक्रम में फंसा मंजूरी का पेच l

प्रयागराज में राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम के लिए पहले दी गई अनुमति को अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे कांग्रेस और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। कांग्रेस का कहना है कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने और शुल्क जमा करने के बावजूद अनुमति रद्द की गई, जबकि प्रशासन का तर्क है कि कार्यक्रम से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती थी। इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है और अब यह मामला चर्चा का केंद्र बन गया है।

Kashish Rai06 अग. 2026, 06:37 PM IST
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प्रयागराज में राहुल गांधी के युवा संवाद कार्यक्रम में फंसा मंजूरी का पेच l

प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी का 8 अगस्त को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत युवाओं और छात्रों से संवाद करने का कार्यक्रम तय था। इसके लिए पहले आयोजन स्थल की अनुमति भी दे दी गई थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया।बताया जा रहा है कि यह कार्यक्रम केपी इंटर कॉलेज (KP Inter College) के मैदान में आयोजित होना था। कांग्रेस की ओर से सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं और निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिया गया था। इसके बावजूद, कायस्थ पाठशाला के कार्यवाहक अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह द्वारा अनुमति निरस्त कर दी गई।


अनुमति रद्द करने के फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक हस्तक्षेप बताया है। उनका कहना है कि प्रशासन जानबूझकर राहुल गांधी के कार्यक्रम को रोकने की कोशिश कर रहा है। वहीं, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने भी इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम के आयोजन से छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ सकता था। बताया गया है कि यूपी बोर्ड के एक आदेश के तहत शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे कार्यक्रमों से बचने को कहा गया है, जिससे पढ़ाई में व्यवधान न हो। इसी आधार पर अनुमति रद्द करने का निर्णय लिया गया।


इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस इसे युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि प्रशासन इसे नियमों के पालन के तहत लिया गया फैसला बता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति पर पड़ सकता है। एक ओर कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला तेज कर सकती है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन अपने फैसले को नियमों के तहत सही ठहराने में जुटा है। कुल मिलाकर, प्रयागराज में राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने का मामला अब केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।