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महाराष्ट्र एफडीए की बड़ी कार्रवाई, मालाड में ब्लिंकिट का फूड लाइसेंस निलंबित
महाराष्ट्र एफडीए ने मालाड पश्चिम स्थित ब्लिंकिट के डार्क स्टोर में गंभीर अस्वच्छता, कॉकरोच और खाद्य भंडारण में लापरवाही मिलने पर 7 अगस्त को उसका फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया। इसी अभियान में बुलढाणा से 11.34 किलो काजू कतली और उल्हासनगर-वसई से 316 किलो पनीर व अन्य खाद्य सामग्री जब्त की गई।
Khushi11 अग. 2026, 06:09 PM IST

मुंबई के मालाड पश्चिम स्थित ब्लिंकिट के डार्क स्टोर में भारी अस्वच्छता और झींगुर (कॉकरोच) का प्रकोप मिलने के बाद महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 7 अगस्त 2026 को निरीक्षण कर कंपनी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई राज्यभर में एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में चलाए जा रहे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता अभियान के तहत की गई है। क्विक-कॉमर्स डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर आम जनता की बढ़ती निर्भरता के बीच यह खबर उपभोक्ताओं की सेहत और खाद्य सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
निरीक्षण के दौरान एफडीए अधिकारियों को सर्वोदय भवन, रामचंद्र लेन स्थित ब्लिंकिट के गोदाम में गंभीर लापरवाही मिली। अधिकारियों के मुताबिक गोदाम में ताजे फल और सब्जियों पर कॉकरोच रेंगते पाए गए। खाद्य पदार्थों को जंग लगी रैक और सीधे जमीन पर रखा गया था। साथ ही, एक्सपायर हो चुके और क्षतिग्रस्त पैकेटों को ताजे स्टॉक के साथ रखा गया था। कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था और ना ही उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण दिए गए थे।
इसी अभियान के तहत एफडीए ने बुलढाणा स्थित रिलायंस रिटेल आउटलेट (एआरडी सिनेमॉल) पर भी छापेमारी की। वहां लक्ष्मी नारायण ब्रांड की काजू कतली में उल्ली (फंगस) और जिंदा इल्ली (कीड़े) मिलने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मौके से एफडीए ने 11.340 किलोग्राम (54 बॉक्स) काजू कतली जब्त की और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजी है। इसके अलावा पालघर, ठाणे और नवी मुंबई में नकली और मानकहीन पनीर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उल्हासनगर और वसई से 316 किलो पनीर और अन्य खाद्य सामग्री जब्त की गई।
एफडीए अधिकारियों ने आधिकारिक बयान में कहा कि जब तक ब्लिंकिट का लाइसेंस निलंबित है, तब तक उस केंद्र से किसी भी खाद्य पदार्थ की बिक्री, वितरण या व्यावसायिक गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यदि निलंबन अवधि के दौरान काम चालू पाया गया तो खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
