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महाराष्ट्र में दूध-पनीर में मिलावट करने वालों पर लगेगा मकोका, शिंदे सरकार का सख्त आदेश
महाराष्ट्र सरकार ने दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं。 उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई स्थित सह्याद्री गेस्ट हाउस में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की समीक्षा बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया कि नागरिकों और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर मकोका (MCOCA) के तहत मामले दर्ज किए जाएं और गैर-जमानती धाराएं लगाई जाएं。 इस नीति का मुख्य उद्देश्य मिलावटखोरी के आपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना और अदालती प्रक्रिया में कानूनी कमियों का फायदा उठाकर आरोपियों को जमानत मिलने से रोकना है。
Khushi12 अग. 2026, 08:33 PM IST

महाराष्ट्र में दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले गिरोहों के खिलाफ राज्य सरकार ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संगठित तरीके से मिलावट का धंधा चलाने वाले अपराधियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत कार्रवाई की जाए और गैर-जमानती धाराओं में मामले दर्ज किए जाएं। सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित समीक्षा बैठक में शिंदे ने स्पष्ट किया कि नागरिकों और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
मिलावटखोरी केवल एक साधारण आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि यह आम जनता के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर अपराध है। छोटे बच्चे बड़े पैमाने पर दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन करते हैं, और नकली पनीर या रसायनयुक्त दूध के सेवन से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने कानून शिकंजा कसते हुए आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने और अदालती प्रक्रिया को कानूनी रूप से अभेद्य बनाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल छापेमारी और जब्ती तक सीमित न रहें, बल्कि मुकदमों को अदालत में मजबूती से खड़ा करने के लिए वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की एक विशेष लीगल टीम गठित की जाए। इससे आरोपियों को प्रक्रियात्मक या कानूनी कमियों का फायदा उठाकर जमानत नहीं मिल सकेगी। इसके साथ ही मुंबई क्राइम ब्रांच और एफडीए की संयुक्त कार्रवाई में हाल ही में सामने आए नकली दूध पैकेट गिरोह का उदाहरण देते हुए प्रशासन को अंतरराज्यीय और संगठित गिरोहों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करना सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है। छोटे बच्चों के भविष्य और नागरिकों की सेहत से समझौता करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सरकार शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाएगी। ऐसे अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा होना जरूरी है, इसलिए मकोका जैसी कठोर धाराओं का प्रयोग करके गैर-जमानती केस दर्ज किए जाएं ताकि आरोपी कानूनी छिद्रों का लाभ न उठा सकें।
