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गुरुदेव टैगोर को श्रद्धांजलि, रोहित अग्रवाल बोले—आज भी प्रासंगिक हैं विचार l
लखनऊ में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर बंगे नागरिक समाज द्वारा एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम में गुरुदेव के साहित्य, शिक्षा, राष्ट्रनिर्माण और मानवता के प्रति उनके योगदान को विस्तार से याद किया गया। मुख्य अतिथि रोहित अग्रवाल ने टैगोर के विचारों को आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक बताते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बंगे नागरिक समाज की ओर से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य और भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के रचयिता और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित गुरुदेव टैगोर के योगदान को याद करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोकदल व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने लखनऊ में स्थापित गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके राष्ट्र, समाज, शिक्षा और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को नमन किया। अपने संबोधन में रोहित अग्रवाल ने कहा कि गुरुदेव टैगोर के विचार केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आज भी समाज को दिशा देने वाले जीवंत आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज कई चुनौतियों से गुजर रहा है, तब टैगोर के विचार हमें एकता, मानवता और जागरूकता का मार्ग दिखाते हैं।
इस अवसर पर बंगे नागरिक समाज की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष और गुरुदेव टैगोर की अनुयायी रहीं स्वर्गीय मानसी दत्ता की पुण्यतिथि भी श्रद्धा के साथ मनाई गई। उपस्थित लोगों ने उनके सामाजिक योगदान और सेवा भावना को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान बंगे नागरिक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पी.के. दत्ता ने रोहित अग्रवाल को तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस सम्मान को स्वीकार करते हुए रोहित अग्रवाल ने कहा कि यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। गुरुदेव टैगोर के विचारों में न केवल ज्ञान और साहित्य की गहराई है, बल्कि उनमें जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा भी छिपी हुई है। यदि समाज इन मूल्यों को अपनाए, तो एक सकारात्मक और समृद्ध भविष्य का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में बंगे नागरिक समाज के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में उनके विचारों को फैलाने का संकल्प लिया।
