government

लखनऊ विश्वविद्यालय में हर घर तिरंगा और नशामुक्ति अभियान की तैयारी l

लखनऊ विश्वविद्यालय में ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ और ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को सफल बनाने के लिए संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित की गई। कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 9 से 17 अगस्त तक विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की कार्ययोजना बनाई गई। विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, शपथ ग्रहण, संवाद और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

Kashish Rai08 अग. 2026, 03:17 PM IST
खबर शेयर करें:
लखनऊ विश्वविद्यालय में हर घर तिरंगा और नशामुक्ति अभियान की तैयारी l

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर स्थित मालवीय सभागार में शुक्रवार को जनपद के सभी संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ और ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में तय किया गया कि 9 से 17 अगस्त तक चलने वाले दोनों अभियानों में विश्वविद्यालय और सभी संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इस दौरान महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, संवाद, शपथ ग्रहण समारोह और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

अधिष्ठात्री छात्र कल्याण प्रो. अमिता कनौजिया ने बताया कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही अधिक से अधिक लोगों से नशामुक्ति की ऑनलाइन शपथ लेने की अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए महाविद्यालय स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि हर घर तिरंगा और नशा मुक्त भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को सफल बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशे का सबसे आसान निशाना युवा वर्ग बनता है, इसलिए विद्यार्थियों को नशा मुक्त भारत अभियान का दूत बनाना जरूरी है। इसके लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच नियमित संवाद स्थापित किया जाना चाहिए।

कुलपति ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों को निर्देश दिया कि प्रत्येक छात्र के लिए एक शिक्षक को मेंटर के रूप में नामित किया जाए। मेंटर विद्यार्थियों का शैक्षणिक मार्गदर्शन करने के साथ-साथ उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए लगातार प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए केवल औपचारिक कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनके साथ निरंतर संवाद और व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी जरूरी है।

बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर को लेकर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी शैक्षिक कैलेंडर का पूरी तरह पालन किया जाए। सभी परीक्षाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर आयोजित कराई जाएं और शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता शैक्षणिक गतिविधियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है। उन्होंने महाविद्यालयों के प्राचार्यों से कहा कि वे अभियानों के साथ-साथ नियमित शिक्षण कार्य और परीक्षाओं की तैयारियों पर भी प्रभावी निगरानी बनाए रखें।

बैठक का संचालन कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने किया। इस अवसर पर प्रवेश निदेशक प्रो. पंकज माथुर, प्रवेश समन्वयक प्रो. अनित्य गौरव, विधि सलाहकार प्रो. आनंद विश्वकर्मा, परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी सहित विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक तथा प्राचार्य उपस्थित रहे।