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लखनऊ विश्वविद्यालय में 50 से अधिक फर्स्ट एड किट वितरित, नशामुक्ति अभियान तेज l

लखनऊ विश्वविद्यालय ने स्वास्थ्य सुरक्षा और नशामुक्त भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए अपने 47 विभागों और विभिन्न कार्यालयों समेत 50 से अधिक इकाइयों में फर्स्ट एड किट वितरित कीं। कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की सुविधा विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। विश्वविद्यालय की ओर से 6 अगस्त से विशेष जागरूकता वाहन भी संचालित किया जा रहा है, जो परिसर, संबद्ध महाविद्यालयों और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है।

Kashish Rai08 अग. 2026, 03:38 PM IST
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लखनऊ विश्वविद्यालय में 50 से अधिक फर्स्ट एड किट वितरित, नशामुक्ति अभियान तेज l

 स्वस्थ भारत और नशामुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में लखनऊ विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को विभिन्न विभागों और कार्यालयों में 50 से अधिक फर्स्ट एड किट वितरित कीं। इस पहल का उद्देश्य किसी भी आकस्मिक स्थिति में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को तत्काल प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।


विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने विभिन्न विभागों और कार्यालयों के प्रतिनिधियों को फर्स्ट एड किट वितरित कीं। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में स्वास्थ्य सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था का विशेष महत्व होता है। दुर्घटना या अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की स्थिति में समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध होने से गंभीर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।


अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अमिता कनौजिया ने बताया कि विश्वविद्यालय के 47 विभागों के अलावा कुलपति कार्यालय, कुलसचिव कार्यालय, वित्त कार्यालय, छात्र कल्याण कार्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय एथलेटिक्स एसोसिएशन समेत 50 से अधिक इकाइयों को फर्स्ट एड किट उपलब्ध कराई गई हैं। इन किटों के माध्यम से जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों और कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार दिया जा सकेगा।


उन्होंने कहा कि फर्स्ट एड किट की उपलब्धता से विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। संबंधित विभागों और कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि किट को सुरक्षित और सुलभ स्थान पर रखा जाए, ताकि आपात स्थिति में उसका तत्काल उपयोग किया जा सके। इसी क्रम में विश्वविद्यालय ने 6 अगस्त 2026 से नशामुक्त भारत अभियान के तहत विशेष जागरूकता वाहन भी संचालित किया है। यह वाहन लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर, संबद्ध महाविद्यालयों और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रहा है।


जागरूकता वाहन के माध्यम से युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी जा रही है। लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और उन्हें स्वस्थ, जिम्मेदार तथा जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा और जनजागरूकता शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विद्यार्थियों को केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सजग और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील बनाना भी जरूरी है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ स्वास्थ्य, सुरक्षा, अनुशासन और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने में विद्यार्थियों और शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।


इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अमिता कनौजिया, प्रो. राकेश द्विवेदी, कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी और आरोग्य भवन के चिकित्साधिकारी सहित बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।