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लाडकी बहिन योजना पर बड़ा खुलासा: अपात्र लाभार्थियों को ₹9,605 करोड़ का भुगतान, RTI में सामने आई जानकारी

महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना को लेकर RTI से मिली जानकारी में बड़ा खुलासा हुआ है। जून 2026 तक करीब 92 लाख अपात्र लाभार्थियों से संबंधित भुगतान में ₹9,605 करोड़ खर्च होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों को यह कहकर पेश करना कि “92 लाख महिलाओं के खातों में सीधे ₹9,605 करोड़ ट्रांसफर किए गए” पूरी तरह सटीक नहीं है। RTI के अनुसार यह राशि 6.4 करोड़ अतिरिक्त payment-credit entries के जरिए गई।

Kalpana Gautam22 अग. 2026, 02:10 PM IST
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लाडकी बहिन योजना पर बड़ा खुलासा: अपात्र लाभार्थियों को ₹9,605 करोड़ का भुगतान, RTI में सामने आई जानकारी
महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना को लेकर RTI से मिली जानकारी में बड़ा खुलासा हुआ है। जून 2026 तक करीब 92 लाख अपात्र लाभार्थियों से संबंधित भुगतान में ₹9,605 करोड़ खर्च होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों को यह कहकर पेश करना कि “92 लाख महिलाओं के खातों में सीधे ₹9,605 करोड़ ट्रांसफर किए गए” पूरी तरह सटीक नहीं है। RTI के अनुसार यह राशि 6.4 करोड़ अतिरिक्त payment-credit entries के जरिए गई।  

क्या है पूरा मामला
महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ एक बार फिर चर्चा में है। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह योजना जुलाई 2024 में शुरू की गई थी। अब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी से पता चला है कि जून 2026 तक योजना के तहत करीब 92 लाख लाभार्थियों को बाद में अपात्र पाया गया, और उनसे संबंधित भुगतान में कुल ₹9,605 करोड़ खर्च हुए। यह जानकारी Hindustan Times द्वारा RTI के जरिए प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है। 

किस वजह से अपात्र हुए लाभार्थी
  • RTI में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक अपात्र पाए गए लाभार्थियों में सबसे बड़ा हिस्सा उन लोगों का है जिन्होंने e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की।
  • 62 लाख लाभार्थी e-KYC पूरा नहीं करने के कारण हटाए गए।
  • 16 लाख लाभार्थियों की पारिवारिक वार्षिक आय ₹2.5 लाख की निर्धारित सीमा से अधिक थी।
  • करीब 3.6 लाख लाभार्थी संजय गांधी निराधार अनुदान योजना का लाभ ले रहे थे।
  • करीब 2.5 लाख मामलों में एक ही परिवार के दूसरे सदस्य ने भी योजना के लिए आवेदन किया था।
  • करीब 1.8 लाख लाभार्थी 65 वर्ष की निर्धारित आयु सीमा से अधिक पाए गए।
  • करीब 4.5 लाख लाभार्थी सरकारी कर्मचारी थे।
  • जिला स्तर पर जांच के बाद करीब 1.7 लाख अन्य लाभार्थियों को अपात्र पाया गया। 
24 महीने में ₹76,261 करोड़ खर्च
RTI से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 महीनों में महाराष्ट्र सरकार ने लाडकी बहिन योजना पर कुल करीब ₹76,261 करोड़ खर्च किए।आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में पात्र लाभार्थियों के लिए करीब 39.758 करोड़ payment-credit entries अपेक्षित थीं, लेकिन वास्तविक संख्या लगभग 46.1 करोड़ entries रही। इन अतिरिक्त करीब 6.403 करोड़ payment entries से संबंधित राशि लगभग ₹9,605 करोड़ बताई गई है। यही वजह है कि ₹9,605 करोड़ के आंकड़े को सीधे “92 लाख महिलाओं को ₹9,605 करोड़ बांटे गए” कहना पूरी तरह सही नहीं होगा। 92 लाख अपात्र लाभार्थियों की संख्या और ₹9,605 करोड़ की राशि आपस में संबंधित हैं, लेकिन भुगतान का आंकड़ा payment entries के आधार पर दिया गया है। 

वर्तमान में कितनी महिलाएं पात्र हैं?
RTI से सामने आई जानकारी के मुताबिक वर्तमान में योजना के लिए करीब 1.657 करोड़ लाभार्थी पात्र हैं। वहीं नवंबर 2025 तक 17 महीनों की अवधि में 2.1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को भुगतान किया गया था। फरवरी से मई 2025 के बीच लाभार्थियों की संख्या करीब 2.472 करोड़ तक पहुंच गई थी। उस दौरान मासिक भुगतान ₹3,640 करोड़ से अधिक हो गया था, जबकि पात्र लाभार्थियों के लिए अपेक्षित मासिक भुगतान करीब ₹2,450 करोड़ था। 

क्या सरकार ₹9,605 करोड़ की वसूली करेगी?
यह भी इस पूरे मामले का अहम पहलू है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सरकार सभी अपात्र लाभार्थियों से पैसा वापस लेने की योजना नहीं बना रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, सरकार ने मुख्य रूप से उन सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से राशि की वसूली के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजे हैं, जिन्होंने योजना का लाभ लिया था। ऐसे करीब 4.5 लाख सरकारी कर्मचारी/अधिकारी बताए गए हैं।