'सत्यमेव जयते' के बिना राज्यचिह्न का उपयोग अधूरा; केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के सख्त निर्देश
केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार ने राज्यचिह्न के उपयोग को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। अब सभी सरकारी कार्यालयों, दस्तावेजों, वेबसाइटों और वाहनों पर 'सत्यमेव जयते' सहित पूर्ण राज्यचिह्न का उपयोग अनिवार्य होगा। बिना अनुमति राज्यचिह्न का उपयोग करने वालों के खिलाफ State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act, 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई : भारत के राज्यचिह्न (राष्ट्रीय प्रतीक) के उपयोग को लेकर केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, राज्यचिह्न का उपयोग करते समय देवनागरी में लिखे गए 'सत्यमेव जयते' को शामिल करना अनिवार्य है। इसके बिना उपयोग किया गया राज्यचिह्न अधूरा माना जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने 16 जून 2025 को जारी अपने परिपत्र में केंद्र सरकार के 3 फरवरी 2025 के पत्र का हवाला देते हुए सभी शासकीय कार्यालयों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए हैं।
परिपत्र में कहा गया है कि कई सरकारी कार्यालयों, वेबसाइटों, सरकारी वाहनों, मुहरों और आधिकारिक प्रकाशनों में केवल अशोक स्तंभ का प्रतीक इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि उसके नीचे 'सत्यमेव जयते' अंकित नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा उपयोग State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act, 2005 के प्रावधानों के विरुद्ध है। इसके अलावा, सरकार के संज्ञान में यह भी आया है कि कई निजी व्यक्ति, संस्थाएं और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना किसी अधिकृत अनुमति के राज्यचिह्न का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे अनधिकृत उपयोग के खिलाफ संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया है कि आधिकारिक दस्तावेजों, कार्यालयों के नामपट्ट, सरकारी वाहनों, वेबसाइटों, मुहरों और अन्य सभी अधिकृत माध्यमों पर 'सत्यमेव जयते' सहित पूर्ण राज्यचिह्न का ही उपयोग किया जाए। साथ ही आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
कानून क्या कहता है?
- राज्यचिह्न का अनधिकृत उपयोग दंडनीय अपराध है।
- व्यापार, व्यवसाय, विज्ञापन या किसी भी व्यावसायिक लाभ के लिए राज्यचिह्न का उपयोग नहीं किया जा सकता।
- नियमों का उल्लंघन करने पर दो वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
सरकार के इस निर्णय के बाद अब सभी सरकारी कार्यालयों और अधिकृत संस्थाओं के लिए 'सत्यमेव जयते' सहित पूर्ण राज्यचिह्न का उपयोग करना अनिवार्य हो गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।यदि चाहें, तो मैं इस खबर के लिए SEO फ्रेंडली शीर्षक, संक्षिप्त सारांश और हिंदी टैग्स भी तैयार कर सकता हूँ।