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SCO Summit के बीच PM मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO Summit से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों, द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के बीच संबंधों तथा साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
भारत-ईरान संबंधों पर हुई बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियान की बैठक ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया की स्थिति और क्षेत्रीय घटनाक्रम लगातार अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में हैं। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में भारत और ईरान के पारंपरिक संबंधों को आगे बढ़ाने तथा आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर विचार-विमर्श हुआ। ईरान भारत के लिए पश्चिम एशिया और मध्य एशिया के बीच संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषय लंबे समय से द्विपक्षीय एजेंडे का हिस्सा रहे हैं।
SCO Summit के दौरान अहम मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों किर्गिस्तान में SCO शिखर सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। ईरानी राष्ट्रपति के साथ मुलाकात भी इसी कूटनीतिक संवाद का हिस्सा रही। SCO में भारत और ईरान दोनों सदस्य देश हैं। ऐसे में शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की बैठक को क्षेत्रीय सहयोग और साझा हितों पर सीधे संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग का महत्व
भारत और ईरान के संबंधों में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। ईरान के जरिए भारत को मध्य एशिया और उससे आगे के बाजारों तक पहुंच के लिए महत्वपूर्ण मार्ग मिल सकता है। भारत के लिए ईरान में मौजूद चाबहार पोर्ट भी रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह port भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों के साथ समुद्री एवं व्यापारिक संपर्क बढ़ाने का अवसर देता है।
पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर भी नजर
बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रम का असर ऊर्जा, व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ता है। भारत लगातार क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संवाद की आवश्यकता पर जोर देता रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियान के बीच हुई बातचीत भारत के क्षेत्रीय कूटनीतिक प्रयासों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
भारत-ईरान सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियान की यह बैठक दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर बनी। बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। SCO Summit के दौरान हुई यह मुलाकात भारत की Act East और Connect Central Asia जैसी व्यापक क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। भारत ईरान के साथ अपने संबंधों को आर्थिक, संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग के व्यापक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने पर जोर देता रहा है।
