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CBI ने मॉरीशस के अधिकारियों को वित्तीय और साइबर अपराध की जांच का दिया प्रशिक्षण

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अकादमी ने मॉरीशस की Financial Crimes Commission (FCC) के अधिकारियों के लिए वित्तीय अपराध और साइबर-सक्षम अपराधों की जांच पर दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। यह प्रशिक्षण भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के Indian Technical and Economic Cooperation (ITEC) कार्यक्रम के तहत 10 अगस्त से शुरू हुआ और 21 अगस्त 2026 को CBI मुख्यालय, नई दिल्ली में संपन्न हुआ।

Vinod Tiwari22 अग. 2026, 02:42 PM IST
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CBI ने मॉरीशस के अधिकारियों को वित्तीय और साइबर अपराध की जांच का दिया प्रशिक्षण

वित्तीय और साइबर अपराध की जांच पर विशेष प्रशिक्षण

दो सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मॉरीशस की Financial Crimes Commission के अधिकारियों को वित्तीय अपराधों और साइबर माध्यम से होने वाले अपराधों की जांच से जुड़ी विभिन्न तकनीकों और चुनौतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों की जांच क्षमता को मजबूत करना और तेजी से बदलते साइबर अपराध के स्वरूप से निपटने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करना था। कार्यक्रम में वित्तीय अपराधों की जांच के साथ-साथ साइबर-सक्षम अपराधों से जुड़े मामलों की जांच की प्रक्रियाओं पर भी विशेष जोर दिया गया।

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CBI मुख्यालय में हुआ समापन समारोह

प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में हुआ। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता CBI निदेशक प्रवीण सूद ने की। प्रवीण सूद इससे पहले वर्ष 1999 से 2002 के बीच मॉरीशस सरकार के पुलिस सलाहकार के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। मॉरीशस के पुलिस एवं जांच अधिकारियों के साथ उनके पूर्व अनुभव को देखते हुए कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा को विशेष महत्व मिला।

साइबर अपराध के बढ़ते खतरे पर हुई चर्चा

CBI निदेशक ने प्रशिक्षण में शामिल मॉरीशस के अधिकारियों के साथ बातचीत की और भारत तथा मॉरीशस में बढ़ते साइबर अपराध के खतरे पर चर्चा की। बातचीत के दौरान साइबर अपराध के पीछे मौजूद कारणों, ऐसे मामलों की जांच में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और अपराध के प्रभाव को कम करने के संभावित उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। साइबर अपराध की बदलती प्रकृति और इसके अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को देखते हुए जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

सीमा पार अपराधों की जांच में सहयोग पर जोर

कार्यक्रम के दौरान भारत और मॉरीशस के बीच साझा हितों और समान जांच चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से सीमा पार होने वाले अपराधों की जांच को अधिक तेज, प्रभावी और समन्वित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। वित्तीय अपराध और साइबर अपराध अक्सर एक से अधिक देशों से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में अलग-अलग देशों की जांच एजेंसियों के बीच समय पर सहयोग और जानकारी साझा करना महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान इसी तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।

भारत-मॉरीशस जांच सहयोग को मिल सकता है बढ़ावा

ITEC कार्यक्रम के माध्यम से आयोजित यह प्रशिक्षण भारत और मॉरीशस की जांच एजेंसियों के बीच पेशेवर सहयोग और क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम से दोनों देशों के अधिकारियों को वित्तीय और साइबर अपराधों की जांच से जुड़े अनुभव साझा करने तथा समान चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर मिला। CBI के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से भविष्य में वित्तीय अपराध, साइबर अपराध और सीमा पार आपराधिक गतिविधियों की जांच में भारत-मॉरीशस के बीच सहयोग को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।