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भारत और मॉरीशस के बीच ऐतिहासिक ऊर्जा समझौता: IOCL 5 वर्षों तक करेगा मॉरीशस की संपूर्ण पेट्रोलियम जरूरतों की आपूर्ति
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी की मॉरीशस यात्रा के दौरान भारत और मॉरीशस ने तेल व गैस क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए अहम समझौते किए हैं। इस समझौते के तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) मॉरीशस की पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की संपूर्ण आयात मांग की आपूर्ति करेगा। यह समझौता मॉरीशस की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत बनाएगा।

दीर्घकालिक ऊर्जा साझेदारी और 5 साल का आपूर्ति समझौता
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 20-21 अगस्त 2026 को मॉरीशस की आधिकारिक यात्रा की। यात्रा के दौरान उन्होंने 20 अगस्त को मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात की। दोनों नेताओं की उपस्थिति में तेल और गैस क्षेत्र में सहयोग के लिए सरकारी समझौता ज्ञापन (MoU) और IOCL तथा मॉरीशस के 'स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन' (STC) के बीच दीर्घकालिक बिक्री एवं खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
* ईंधन आपूर्ति: पांच साल के इस समझौते के तहत IOCL मॉरीशस की मोटर स्पिरिट (पेट्रोल), हाई स्पीड डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की संपूर्ण आयात आवश्यकता की आपूर्ति करेगा।
* दक्षिण एशिया के बाहर पहला बड़ा कदम: हाल के वर्षों में दक्षिण एशिया के बाहर किसी भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनी (OMC) द्वारा किया गया यह पहला दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता है। इससे मॉरीशस को कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और आपूर्ति की निरंतरता बनी रहेगी।
बुनियादी ढांचा और द्विपक्षीय बैठकें
श्री हरदीप सिंह पुरी ने मॉरीशस के ऊर्जा, वाणिज्य और विदेश मंत्रियों के साथ उपयोगी द्विपक्षीय चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने पोर्ट लुइस के मेर रूज में इंडिया ऑयल (मॉरीशस) लिमिटेड की 27.5 TMT बंकर समुद्री ईंधन भंडारण सुविधा के शिलान्यास समारोह में भाग लिया।
जैव ईंधन (Biofuels) में सहयोग
भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान शुरू किए गए 'ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस' (GBA) के तहत मॉरीशस के ऊर्जा संक्रमण को रफ्तार देने के लिए दोनों देशों ने कदम बढ़ाए हैं:
* ज्ञान, शोध और प्रशिक्षण के आदान-प्रदान के लिए नीतिगत रूपरेखा तैयार की गई है।
* 21 अगस्त को दोनों देशों के मंत्रियों ने संयुक्त रूप से जैव ईंधन देश परिदृश्य नीति ढांचे का शुभारंभ किया।
विश्वसनीय ऊर्जा साझेदार के रूप में भारत
प्रति वर्ष 267 MMT रिफाइनिंग क्षमता और 23 रिफाइनरियों के साथ भारत वैश्विक शोधन केंद्र व परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का शुद्ध निर्यातक बनकर उभरा है। नेपाल और भूटान की ऊर्जा मांग पूरी करने के बाद, मॉरीशस के साथ यह समझौता भारत की वैश्विक और रणनीतिक भूमिका को नई ऊंचाई देता है।
