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मच्छरों पर KDMC का 'हाई-प्रेशर' प्रहार! शहरभर में उतरेंगे आधुनिक मिनी ट्रैक्टर, टेंडर प्रक्रिया शुरू
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) ने शहर में डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों और मच्छरों की उत्पत्ति पर रोक लगाने के लिए आधुनिक मिनी ट्रैक्टरों के जरिए हाई-प्रेशर कीटनाशक छिड़काव की योजना तैयार की है। इसके लिए ई-निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) क्षेत्र में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप पर लगाम लगाने और नागरिकों को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए प्रशासन ने व्यापक योजना बनाई है। मनपा के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) और वाहन विभाग द्वारा शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में मिनी ट्रैक्टरों पर लगी हाई-प्रेशर जेटिंग मशीनों के जरिए कीटनाशकों एवं दवाइयों का छिड़काव कराया जाएगा। इसके लिए 3 वर्षों की अवधि हेतु निजी एजेंसियों/कंपनियों से ऑनलाइन निविदाएं (ई-टेंडर) आमंत्रित की गई हैं।
नालों, गटर और निर्माण स्थलों पर विशेष नजर
मनपा द्वारा जारी विस्तृत कार्ययोजना के अनुसार, यह छिड़काव विशेष रूप से खुले गटरों, नालों, कचरा संकलन केंद्रों, स्थिर व जमा हुए पानी वाली जगहों, निर्माण स्थलों (Construction Sites), ड्रेनेज क्षेत्रों तथा खुले सेप्टिक टैंकों के आसपास किया जाएगा, जहां मच्छरों के लार्वा पनपने की सर्वाधिक संभावना होती है।
वार्ड स्तर पर तैनात होंगे 11 से 12 वाहन
प्रक्रिया के तहत मनपा में दैनिक आवश्यकता अनुसार लगभग 11 से 12 मिनी ट्रैक्टर वाहन तैनात किए जाएंगे।
* मुख्य स्वच्छता अधिकारी (CSO) की देखरेख में इन वाहनों को विभिन्न प्रभागों (वार्डों) के स्वच्छता अधिकारियों (SO) और स्वच्छता निरीक्षकों की मांग के अनुसार आवंटित किया जाएगा।
* प्रत्येक वाहन के साथ 1 ऑपरेटर और न्यूनतम 2 श्रमिक उपलब्ध कराने होंगे, जबकि पूरे कार्य की निगरानी के लिए एजेंसी द्वारा 1 सुपरवाइजर तैनात किया जाएगा।
अत्याधुनिक जेटिंग मशीन से लैस होंगे वाहन
छिड़काव कार्य को प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी मापदंड तय किए गए हैं:
* मिनी ट्रैक्टर (मित्सुबिशी / वीएसटी / सोनालिका या समकक्ष) में कम से कम 1000 लीटर क्षमता का टैंक होगा।
* 200 बार प्रेशर क्षमता वाला उच्च-दबाव पंप और कम से कम 100 मीटर लंबी नली (Hose pipe) लगाई जाएगी, जिससे संकरी गलियों व दूरदराज के कोनों तक भी कीटनाशक आसानी से पहुंचाया जा सके।
कड़े नियम व शर्तें: लापरवाही पर लगेगा जुर्माना
टेंडर शर्तों के अनुसार, वाहन, ईंधन, ऑपरेटर व श्रमिकों का वेतन और रखरखाव का पूरा खर्च संबंधित ठेकेदार का होगा, जबकि छिड़काव के लिए कीटनाशक दवाइयां महानगरपालिका द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि ठेकेदार निर्धारित संख्या में वाहन या श्रमिक उपलब्ध कराने में विफल रहता है, तो उस पर प्रति वाहन ₹2,000 प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा।
निविदा से जुड़ी मुख्य तिथियां
* टेंडर डाउनलोड व जमा करने की अवधि: 20 अगस्त 2026 से 03 सितंबर 2026 (दोपहर 3:00 बजे तक)
* टेंडर खुलने की तिथि: 04 सितंबर 2026 (शाम 4:00 बजे)
* अनुबंध की अवधि: कार्य आदेश (Work Order) जारी होने से 3 वर्ष
